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लहन पीने से बीमार बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती

Mon, 09 Mar 2015 08:15 PM IST
ममरी (खीरी)।
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 महेशपुर जंगल में कच्ची शराब बनाने के लिए रखा गया लहन पीने से बीमार हुए सुंदरपुर-अयोध्यापुर के सातों बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर एसडीएम गोला विनोद गुप्ता और सीओ मोहम्मदी एसी श्रीवास्तव ने सोमवार को गांव जाकर जांच की। दोनों अधिकारियों का कहना है कि मौके पर लहन नहीं मिला है। बच्चों ने बचा हुआ गुड़ खाया था, जिससे वे बीमार हुए। मौके से गुड़ न मिलने के कारण सैंपल नहीं लिए जा सके।
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मालूम हो कि रविवार को दोपहर जंगल में बच्चे बकरी चराने गए थे, जहां लहन पीने से उनकी हालत बिगड़ गई। बीमार हुए बच्चों में अयोध्यापुर के देवीदयाल का आठ वर्षीय पुत्र सोनू, वीर सिंह की नौ वर्षीय पुत्री जागेश्वरी, भूपराम की आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी, रामपाल की 10 वर्षीय पुत्री गंगोत्री, रामपाल का छह वर्षीय पुत्र ताहर सिंह, रामसागर की आठ वर्षीय पुत्री राजकुमारी, मेघनाद का आठ वर्षीय पुत्र अवधेश शामिल हैं। बच्चों की हालत बिगड़ने पर उन्हें महेशपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में रविवार को देर रात सभी बच्चों के गंभीर होने पर प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अब उनकी हालत सामान्य है। इधर एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंच कर घंटों पड़ताल की, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिल सका। यहां तक कि वे बच्चों के गुड़ खाने का दावा तो करते रहे, लेकिन सैंपल नहीं ले पाए।
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बच्चों के बीमार होने के बाद चेता पुलिस, आबकारी विभाग
ममरी। बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने गुड़ बेचने और कच्ची शराब बनाने वालों के अड्डों पर छापेमारी की और तमाम उपकरणों को नष्ट किया। पुलिस ने काफी दूषित गुड़ कब्जे में ले लिया है। इस दबिश के दौरान किसी व्यक्ति को नहीं पकड़ा जा सका।
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हैदराबाद पुलिस ने जताई मजबूरी
एसओ जितेंद्र सिंह यादव का कहना है कि जिस स्थान पर शराब बनाने का धंधा चल रहा है, वह जंगल हैदराबाद क्षेत्र में नहीं बल्कि मोहम्मदी कोतवाली की सीमा में आता है। पूर्व में यहां दबिश देकर कई ड्रम लहन बरामद कर उपकरण नष्ट किए गए थे।

मौके पर जांच में लहन होने की पुष्टि नहीं हुई है। बच्चों के परिवार और गांव वालों ने गुड़ खाने की बात बताई है। बच्चे भी गुड़ खाना ही बता रहे हैं। फिलहाल मौके से गुड़ न मिलने के कारण सैंपलिंग नहीं कराई जा सकी है।
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-अरविंद सेन, एसपी
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