हरदासपुर गांव निवासी एसआई मनोज मिश्रा हाल ही में रक्षाबंधन के मौके पर घर आए थे और इसके बाद फरीदपुर चले गए थे। बुधवार को रात करीब 10 बजे फोन पर मनोज की पत्नी शशि मिश्रा से बात हुई थी, जिसमें मनोज ने पत्नी से कहा था कि अब वह दबिश पर जा रहे हैं, इसलिए थोड़ी देर तक फोन मत करना। यह मनोज और शशि की आखिरी बातचीत थी। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद रात 11.30 बजे के बाद फरीदपुर पुलिस का शशि के मोबाइल पर फोन आया और मुठभेड़ की जानकारी देते हुए मनोज के शहीद होने की सूचना दी गई, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। परिवारवालों के रोने की आवाज सुनकर मनोज के घर रात में ही गांव के तमाम लोग जमा हो गए। लोगों को जब मनोज के शहीद होने की जानकारी मिली तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी और बच्चे परिवार के लोगों के साथ शहीद मनोज का पार्थिव शरीर लेने के लिए बुधवार की रात ही फरीदपुर के लिए रवाना हो गए। गुरुवार को सुबह से ही शहीद मनोज मिश्रा के आवास पर लोगों का तांता लगा रहा।
दादी और दादा का रो-रोकर बुरा हाल
दरोगा मनोज मिश्रा की मौत की खबर सुनकर दादी लाजवंती और दादा भैरवीदीन का रो-रोकर बुरा हाल है। दादी लाजवंती तो कभी-कभी मनोज को याद कर बेहोश हो जाती हैं। दादा ने बताया कि मनोज आखिरी बार अपने परिवार से मिलने रक्षाबंधन को आए थे। बुधवार की रात मनोज का फोन भी आया था और पत्नी शशि ने बात कर बताया था कि वह दबिश में जा रहे हैं। इसी बीच पता नहीं कैसे क्या हुआ और कुछ ही देर बाद मनोज के शहीद होने की मनहूस खबर आ गई।
1999 बैच के दरोगा थे मनोज मिश्रा
दादा भैरवीदीन मिश्रा ने बताया कि मनोज मिश्रा 1999 में दरोगा के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। जिसके बाद इसी वर्ष मनोज का विवाह फरधान कस्बे के पास स्थित गांव करनपुर की शशि मिश्रा से हुआ था।
तीन बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं मनोज
शहीद मनोज मिश्रा बड़ी बेटी 13 वर्षीय दिव्यांशी, 10 वर्षीय आकांक्षा और आठ वर्षीय पुत्र अभिनव को अपने पीछे छोड़ गए हैं।
देर शाम मनोज का शव हरदासपुर पहुंचा, मचा कोहराम
लखीमपुर खीरी। बरेली के फरीदपुर में दबिश देने के दौरान शहीद हुए पुलिस उपनिरीक्षक मनोज मिश्र का पार्थिव शरीर शाम करीब सवा आठ बजे उनके पैतृक गांव खीरी थाना क्षेत्र के हरदासपुर पहुंचा। शव के पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। मनोज की बूढ़ी दादी लाजवंती शव देखते ही पछाड़ खाकर गिर पड़ीं। परिवार के अन्य लोगों का भी बुरा हाल था। शव के गांव पहुंचने के पहले ही विधायक उत्कर्ष वर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वाजपेयी, कांग्रेस नेता शिवराम सिंह चौहान के अलावा एएसपी एपी सिंह पहुंच गए थे। उन्होंने गांव में शव के साथ आए परिवारीजनों को ढाढ़स बंधाया। अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा।