दो दिन पहले दलित किशोरी से पड़ोसी ने किया था रेप, सीओ से शिकायत, जांच शुरू
तीन दिन पहले 14 वर्षीय दलित किशोरी के साथ पड़ोसी ने रेप किया। परिवार के साथ जब वह रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंची तो पुलिस ने मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट लिखने बजाय दबाव बनाकर उसका समझौता करा दिया। सोमवार को पीड़ित ने सीओ से मिलकर कार्रवाई की मांग की। सीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित की मां ने सीओ को बताया कि वह भाई की शादी में शामिल होने 24 जून को मायके गई थी। घर पर पति, 14 वर्षीय पुत्री और उससे छोटे दो बेटे थे। उसी दिन रात में करीब नौ बजे पति शराब पीकर आए और खाना न मिलने पर पुत्री को भला बुरा कहते हुए आत्महत्या करने की बात कहकर घर से निकल गए। परेशान पुत्री ने पड़ोस में रह रहे 40 वर्षीय रिश्ते के मामा से पिता को ढूंढने की बात कही। इस पर वह आरोपी पुत्री को लेकर गांव के पूरब स्थित नाले की तरफ गया और वहीं पर पुत्री के साथ रेप किया। पुत्री किसी तरह से छूटकर जब घर पहुंची तो आरोपी भी पीछा करते हुए उसके घर पहुंचा और घटना किसी से बताने पर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और चला गया। रविवार सुबह पुत्री ने घटना की सूचना अपनी मां और घर पर पहुंचे पिता को बताई। इसी बीच आरोपी भी वहीं पहुंच गया। किशोरी के पिता ने कई लोगों की मदद से आरोपी को दबोच लिया और यूपी 100 को सूचना दी। यूपी 100 आरोपी को थाने लाई। किशोरी की मां ने बताया कि आरोपी ग्राम प्रधान के यहां नौकरी करता है, जिसके चलते ग्राम प्रधान ने सुलह समझौता का दबाव बनाया। प्रधान के दबाव में आकर पुलिस ने भी सुलह न करने पर दोनों पक्षों को जेल भेजने की धमकी दी। थाने पर मौजूद प्रधान और सौ नंबर के एक दरोगा ने सादे कागज पर अंगूठा और हस्ताक्षर करवा लिया। उधर ग्राम प्रधान ने सारे आरोपों को निराधार बताया है।
पीड़िता और उसके परिवार के लोग मेरे पास आए थे। पीड़िता के बयान लिए हैं। गांव जाकर मामले की जांच करूंगी। मामला सही मिला तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यदि सुलह समझौता कराने का दबाव बनाया है तो गलत है। दोषी मिलने पर आरोपी और पुलिस दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रीती त्रिपाठी, सीओ निघासन
रविवार को सौ नंबर की गाड़ी एक आरोपी को लेकर आई थी। किशोरी के पिता ने आरोपी को घर से पकड़ा था। मामले में दोनों पक्ष सुलह करना चाहते थे। इसलिए सुलह करा दिया गया था।
जयकरन सिंह, कोतवाल
रेप पीड़िता का प्राइवेट चल रहा इलाज
निघासन खीरी। दलित किशोरी के साथ हुए रेप के मामले में एक बार फिर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जबकि सरकार का निर्देश है थाने पहुंचने वाली महिलाओं की तत्काल रिपोर्ट दर्ज करें। मामले में पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। न ही आरोपी और पीड़िता के कपड़े कब्जे में लिए। घर वाले पीड़िता का इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में करा रहे हैं।