रक्षाबंधन के दिन घर मे छाया मातम
राखी बांधने ससुराल से मायके आई बहनों ने छत के कुंडे में भाई की लाश लटकी देखी तो वह गश खाकर गिर पड़ीं। रक्षाबंधन की खुशी पल भर मे मातम में बदल गई। चीखपुकार मची तो ग्रामीण भी मौके पर आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
यह हृदयविदारक घटना शहर के समीप गढ़ी मिदनियां गांव मे घटी। गांव निवासी राजेंद्र और उनकी पत्नी की काफी पहले मौत हो चुकी है। उनके पांच बच्चों में दो बेटियों की शादी भी हो चुकी है। माता पिता की मौत के बाद बड़ा बेटा अनिल घर पर अकेला रहता था। जबकि उसका छोटा भाई और छोटी बहन पिंकी छेदीपुरवा में मौसा के घर रहते हैं। 22 वर्षीय अनिल की शादी नहीं हुई थी। गुरुवार को रक्षाबंधन पर बड़ी बहन संध्या अपनी छोटी बहन पिंकी के साथ ससुराल से राखी बांधने मायके आई थी। उसने अंदर से दरवाजा बंद देख भाई को आवाज लगाई। काफी देर तक कोई जवाब न मिला तो उसने आसपास लोगों को बताया। जब दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे के छत में चादर से अनिल का शव लटकते देख बहने गश खाकर गिर पड़ीं। त्योहार पर घर मे कोहराम मच गया। सूचना पर एसएसआई जेपी यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताकिब प्रथम दृष्टया युवक के अवसादग्रस्त होने की बात सामने आई है। अनुमान है कि इसी के चलते उसनेे आत्महत्या की।