नाबालिग किशोरी के साथ दुराचार करने के मामले में एडीजे अरविंद पांडेय ने दुराचार के आरोपी को दोषसिद्ध पाया है। उन्होंने दस वर्ष की सजा सुनाने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि तीन जनवरी 2013 को गोला कस्बे के एक मोहल्ले में रहने वाली किशोरी अन्य साथियों के साथ बकरी चराने गई थी। आरोप है कि कस्बे के सर्वोदयनगर में अपनी रिश्तेदारी में रहने वाला राजीव उर्फ नीटू दोपहर डेढ़ बजे के करीब गन्ने के खेत में चाकू दिखाकर किशोरी को जबरन घसीट ले गया।
पहले किशोरी को लालच दिया गया, उसके मना करने पर चाकू दिखाकर दुराचार किया।
एडीजीसी पीके सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से मलखान, पीड़ित किशोरी, डॉ. वीके वर्मा और डॉ. पुष्पलता की गवाही पेश की तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने सुनवाई के बाद दुराचारी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने वसूले गए जुर्माना में से पीड़िता किशोरी को बतौर मुआवजा दस हजार रुपये दिए जाने का भी आदेश दिया है।