नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उससे दुराचार करने के मामले में एफटीसी जज नीलू मोघा ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के एक फार्म पर किशोरी पढ़ाई करने के लिए रहने आई थी। हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान ही पड़ोस में रहने वाला गुरुमीत सिंह उसे बहला फुसलाकर 12 जून 2011 को अपने साथ अगवा कर ले गया और उसके साथ दुराचार किया।
गुरमीत सिंह के चंगुल से छूटने के बाद किशोरी ने अपने बयान दर्ज कराए थे। पीड़ित की ओर शासकीय अधिवक्ता निर्मल चौधरी के साथ ही अधिवक्ता संदीप गुप्ता ने पैरवी करते हुए पीड़ित किशोरी, डा. पुष्पलता, डा.पीके वर्मा, एसआई चंद्र प्रकाश की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दुराचार के आरोपी गुरमीत सिंह को सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।