बाघ की अब एक जगह और लोकेशन मिल रही है। सेमरिया से करीब तीन किमी दूर बिजुआ व मूड़ा बुजुर्ग गांव के बीच खेतों में पगमार्क पाए गए हैं। रविवार को खेत गए लोगों ने जब ये पगमार्क देखे तो सूचना आम हो गई। वहीं बिजुआ के करीब एक गन्ने के खेत में नीलगाय का शिकार पड़ा हुआ देखे जाने से लोगों का दावा है कि बाघ इन्हीं खेतों में बैठा हुआ है।
भीरा रेंज के बिजुआ इलाके में भी बाघ के पगमार्क मिलने से यह पुष्टि हो गई है, कि बाघ इस इलाके में भी मौजूद है। अब विशेषज्ञ यह तय करेंगे कि सेमरिया इलाके व बिजुआ इलाके में बाघ के मिल रहे पगमार्क एक ही टाइगर के हैं या दोनो अलग अलग हैं। बिजुआ के राहुलनयन मिश्रा के गन्ने के खेत के निकट बोई लाही के खेत में बाघ के पगमार्क मिलने से लोगों में बाघ का डर बैठ गया। शाम को जैसे ही लोगों को जानकारी मिली, लोग पगमार्क देखने पहुंच गए।
वैसे ये मार्क कल के लग रहे हैं। बतो दें कि पिछले रविवार को इसी जगह से 100 मीटर दूर एक खेत में नीलगाय का शिकार करने और रात को भीरा राज्य मार्ग पर काली मंदिर के पास बाघ देखा गया था। लोगों ने तब भी खबर दी थी लेकिन वन महकमे के जिम्मेदार यहां नही पहुंचे थे। उधर गांव के करीब उदियापुर खेतों में मस्तराम वाजपेयी के खेत में एक नीलगाय का शिकार लोगों ने पड़ा देखा था, रविवार को वह शिकार गन्ने के खेत में कोई जानवर खींच ले गया, वहीं रविवार को ही इसी खेत में कौए मंडराते रहने से लोगों को शक हुआ कि बाघ यहीं मौजूद तो नही। हालांकि अभी तक इस इलाके में कोई भी मॉनीटिरिंग टीम नही आई है, लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं।