पलिया निघासन स्टेट हाईवे पर तिकोनाफार्म के पास एक बेकाबू प्राईवेट यूनियन की बस ने सामने से आ रहे ट्रक को टक्कर मार दी। ट्रक गन्ने से भरा हुआ था। टक्कर मारकर बस सड़क किनारे खाई में जा पलटी। हादसे में एक बुजुर्ग महिला और एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दोनों वाहनों के चालकों समेत करीब तीन दर्जन लोग घायल हो गए। इसमें सात की हालत गंभीर है। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों और पुलिस ने घायलों को बाहर निकाला।
सोमवार को मध्याह्न 12 बजे पलिया प्राइवेट बस यूनियन की बस संख्या यूपी 31 टी 2887 निघासन की ओर सवारियां लेकर जा रही थी, इसी दौरान तिकोनाफार्म के पास सामने से आ रहे एक गन्ना भरे ट्रक संख्या यूपी 21 एन 5748 से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। इसमें दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और बस बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में जा पलटी। धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे सिख फार्मरों ने बस के शीशे तोड़कर जैसे तैसे लोगों को निकाला। जिसमें 20 वर्षीय अज्ञात युवक और कोठिया निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला सिमरता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और करीब तीन दर्जन सवारियां घायल हो गईं। हादसे में बस चालक गुड्डू, ट्रक चालक मझगईं छब्बापुरवा निवासी अनिल कुमार, मंजू देवी खैराहनी, प्रेम सिंह, जमुनाकौर रननगर, सोबरन सिंह सूरत, लेखपाल मुरारी, रेनू, सर्वेश सिंगहा, नायब हुसैन निघासन, सुखदेव धोबीपुरवा, शैलेंद्र उपदेशनगर, महनाज, नूरजहां पलिया, सुरेंद्र कौर, सुखविंदर कौर, मंजीत कौर, निन्दर कौर, वीर सिंह, बलराम, शिशुपाल मदनापुर, शबीना, मोमिना, झब्बो गौरिया, रोहित, पूनम निवासी बेला जख्मी हो गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीओ, एसओ और चौकी पुलिस ने घायलों को पलिया सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चालकों समेत करीब सात लोगों को चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
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फार्मासिस्ट न मिलने पर प्रदर्शन
मझगईं। पीएचसी में तैनात एक मात्र फार्मेसिस्ट के न मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर प्रदर्शन किया। बता दे कि यह पीएचसी घटना स्थल से काफी करीब थी और कई घायलों को यहां लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक फार्मासिस्ट करीब पांच दिन से छुट्टी पर हैं। तैनात फार्मासिस्ट के न मिलने और किसी डॉक्टर की तैनाती न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वहीं अस्पताल गेट पर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में अशोक कुमार, देवेंद्र, रामासरे, कयूम खां, खालिक, मनीष, अब्दुल रहमान, नवीन, मतीनग आदि लोग मौजूद थे।
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....जब ट्रैक्टर पर गिर पड़ी बस
बस के नीचे कुछ लोग दबे होने की आशंका में पुलिस ने चार ट्रैक्टरों की मदद से बस को सीधा कराना शुरू किया, लेकिन बस सीधे होने के दौरान एक ट्रैक्टर पर जा गिरी, जिसमें चालक कन्हैया बाल-बाल बच गया। इस दौरान अफरातफरी मच गई और लोग इधर उधर भाग खड़े हुए।
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मां की मौत से बेहाल हुई बेटी
मृतका सुमिरता देवी की बेटी जल्ला देवी का मां की मौत से बुरा हाल हो गया। सीएचसी में उसकी रोने की दहाड़ों ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए। उसको समझाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
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एक बार फिर रफ्तार बनी दो मौतों की वजह
प्राईवेट बसों की रफ्तार एक बार फिर हादसे का सबब बन गई। बताते हैं कि हादसे से पहले बस की रफ्तार काफी ज्यादा थी और चालक उस पर काबू न कर सका। जिसके चलते बस ट्रक में जा घुसी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वह प्राइवेट बस यूनियन की बसों की रफ्तार पर रोक लगाए।
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चालक पर शराब पीने का आरोप
कुछ लोगों का कहना है कि बस के चालक ने शराब पी रखी थी और फोन पर बात करते हुए अधिक रफ्तार में बस चला रहा था। इसी के चलते यह हादसा हुआ है। प्राईवेट बस यूनियन के ज्यादातर चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं और यूनियन इस पर ध्यान नहीं देती है। एआरटीओ पर आरोप है कि वह भी कुछ नहीं देखते और आंख मूंद कर मौत का यह सफर करा रहे हैं। उनका आरोप है कि इसके एवज में विभागीय अधिकारी सुविधा शुल्क वसूलते हैं।