करामाती तांबे का सिक्का बताकर ठगों ने था बुलाया
घंटों पीड़ितों को बैठाए रखी कोतवाली पुलिस, नहीं लिखी रिपोर्ट
करामाती तांबे का सिक्का बताकर बांद्रा बेस मुंबई से आए दो लोगों को दो युवक मेला मैदान स्थित एक मकान में ले गए और उन्हें नकली तांबे का सिक्का देकर पांच लाख रुपये ऐंठकर फरार हो गए। ठगी का अहसास होने पर दोनों युवक कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस दोनों को घंटों कोतवाली में बैठाए रखी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
बांद्रा बेस मुंबई निवासी मोहम्मद खुर्शीद ने बताया कि करीब दो महीने पहले वह काम से थाना निघासन क्षेत्र में आए थे, जहां उनकी मुलाकात इमरान और कमलेश से हुई थी। कमलेश ने एक करामाती तांबे का सिक्का होने की बात की थी और उसे दिखाया भी था। इस सिक्के में चावल का दाना जैसे ही लगाया जाता वह टूट जाता था। उसने इस सिक्के का सौदा पांच लाख रुपये में तय किया था। वह सिक्का लेने के लिए बांद्रा बेस निवासी अपने साथी संजय कुमार मैगन के साथ 17 मई को लखनऊ पहुंचे, जहां से उसकी इमरान और कमलेश से बात हुई। दोनों ने उसे लखीमपुर रोडवेज बस अड्डे पर मिलने के वादा किया। 18 मई की रात करीब 11.30 बजे लखीमपुर पहुंचा, जहां दोनों युवक मिले और उसे मेला मैदान स्थित एक मकान पर ले गए। जहां उसे करामाती तांबे का सिक्का दिखाया और पांच लाख रुपये लेकर खिसक गए। उसने जब सिक्का चावल लगाकर चेक किया तो वह नकली निकला। ठगी का अहसास होने पर दोनों लोग कोतवाली पहुंचे और मामले की लिखित तहरीर पुलिस को दी। जिस पर दो सिपाही दोनों पीड़ितों को लेकर बताए गए मकान पर पहुंचे, जहां पर ताला पड़ा हुआ था। इस पर सिपाही वापस लौट आए। पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए घंटों सदर कोतवाली में बैठे रहे, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सदर कोतवाल नागेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।