व्यापारी मनीष गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कर चालान करने के बाद उसकी कार चार दिन अवैध कब्जे में रखने के मामले में पुलिस खुद फंसती नजर आ रही है। मनीष ने डीएम, एसपी को तहरीर भेज कर कोतवाल सहित पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कर अपनी जीवन रक्षा की मांग की है।
डीएम और एसपी को भेजे शिकायती पत्र में मनीष ने लिखा है कि वह टीवी चैनल का रिपोर्टर है। कोतवाली पुलिस ने रंजिशन उसका 25 अगस्त को चालान कर दिया था। पुलिस ने इसकी कार संख्या यूपी31एएच-7513 को जब्त कर लिया था, किंतु कागज होने के बावजूद कार का चालान 29 अगस्त को एमबीएक्ट की धारा 207 में कर दिया। पुलिस ने कार को चार दिन तक अपने अवैध कब्जे में रखा, जबकि पुलिस ने चालानी रिपोर्ट में कार जब्त करना लिखा भी था। पुलिस के साथ पांच लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
तहरीर में कहा गया है कि 23 अगस्त को उसकी कृषि भूमि रजिस्ट्री के चार गवाहों को लोगों की साजिश से पुलिस ने अवैध हिरासत में ले लिया था। जिस पर उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी। पुलिस ने उस पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद चारों गवाहों को रिहा किया था। धोखाधड़ी के मुकदमे में पुलिस को जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी है।