- नहीं जा रहे खेतों की ओर, फसलों रखरखाव चौपट
जंगल से निकलकर आबादी के निकट गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघ की दहशत ग्रामीणों में बरकरार है और इसके चलते ग्रामीण खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। इससे फसलों की देखरेख और सिंचाई तक नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने वन रेंजर भीरा सहित डीएफओ दक्षिण खीरी, डीएम को पत्र भेजकर समाधान की मांग की है।
दक्षिण खीरी फारेस्ट डिवीजन के जंगल से निकलकर आए बाघ ने क्षेत्र में कई दिनों से डेरा जमा लिया है। जिससे उसकी दहशत फैल गई है और ग्रामीणों ने खेतों में जाना छोड़ दिया है। जिससे उनकी फसल की देखरेख के साथ ही सिंचाई आदि नहीं हो पा रही है। भीरा से सटे खैरा फार्म एवं लालजीपुरवा के निकट गन्ने के खेतों में बाघिन और उसके शावकों ने डेरा जमाया हुआ है और इससे ग्रामीण खौफजदा हैं। ग्राम के ही गुरुदेव सिंह, आभा सिंह, उत्तम सिंह खैरा, जसवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, तलविंदर सिंह, तनवीर सिंह, बृजराज सिंह, करतार सिंह, अनिल कुमार आदि ग्रामीणों ने डीएफओ, भीरा रेंजर और डीएम को पत्र भेजकर समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है।