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चारा लेने गए किसान को बाघ ने बनाया निवाला      

Fri, 13 Apr 2018 07:33 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
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क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव के पास चारा लेने गए एक किसान को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। शुक्रवार सुबह गन्ने के खेत में किसान का अधखाया शव बरामद हुआ। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बाघ को गेहूं के खेत में घेर लिया। वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में उसे ट्रैक्टर से टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने लाठी डंडों से पीट-पीट कर उसे अधमरा कर दिया। बाद में किसी तरह पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से बाघ को बचाया। वन विभाग ने जाल डालकर बाघ को कब्जे में ले लिया और उसे ट्रैक्टर ट्रॉली से इलाज के लिए मझगईं रेज मुख्यालय ले गए।  

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निघासन थाना क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव निवासी 45 वर्षीय कामता प्रसाद गुरुवार सुबह पांच बजे चारा लेने के लिए गांव के उत्तर पश्चिम स्थित खेत पर गया था। शाम तक न लौटने पर घरवालों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह कामता प्रसाद का भतीजा कुछ ग्रामीणों के साथ फिर तलाश में निकला तो मेलाराम के खेत के पास कामता की साइकिल और चप्पल पड़ी दिखी, कुछ और आगे बढ़ने पर कामता का अधखाया शव पड़ा दिखाई दिया। शव से कुछ दूरी पर ही बाघ बैठा था, जो ग्रामीणों को देख जोर से दहाड़ा तो ग्रामीण भाग खड़े हुए। बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर और लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, तब जाकर बाघ मौके से हटा।  
इस बीच सूचना पाकर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों में घटना को लेकर इतना गुस्सा था कि उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया। उन्होंने शव उठाने से मना कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर गांव वाले माने और शव को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।  
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घटना से गुस्साए ग्रामीणों को जब यह पता चला कि बाघ घटनास्थल से आधा किलोमीटर दूर बंगलहा निवासी महेश के गेहूं के खेत में छिपा है तो ग्रामीणों ने गेहूं के खेत को चारों ओर से घेर लिया और शोर मचाकर बाघ को खेत से निकलनेे पर मजबूर कर दिया। जैसेे ही बाघ गेहूं के खेत से निकलने लगा ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर से ठोकर मारकर उसे गिरा दिया। बाघ के गिरते ही ग्रामीणों ने बाघ पर लाठी डंडों से हमला कर दिया और पीट-पीट कर उसे अधमरा कर दिया।  
वन विभाग और पुलिस ने किसी तरह बाघ को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और बेहोश हो चुके बाघ पर जाल डालकर उसे अपने कब्जे में लिया। बाद में उसे इलाज के लिए ट्रैक्टर ट्राली से मजगईं रेंज मुख्यालय ले गए। जहां उसका इलाज जारी है। उधर, वन विभाग बाघ पर हमला करने वाले लोगों पर मुकदमे की तैयारी कर रहा है।  
उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि ग्रामीणों के हमले में बाघ घायल हुआ है, जिसका इलाज कराया जा रहा है। स्वस्थ होने के बाद तय किया जाएगा कि उसे कहां छोड़ा जाए। फिलहाल, बाघ पर हमला करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।  

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