साइको किलर ने जेल में किया आत्महत्या का प्रयास
फरीदाबाद। नए साल की रात पलवल में छह निर्दोष लोगों की लोहे की रॉड से हमला करने वाले साइको किलर नरेश धनखड़ ने नीमका स्थित जिला जेल में बृहस्पतिवार देर शाम आत्महत्या का प्रयास किया। उसने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जेल कर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ कर उसे बाहर निकाला। जेल प्रशासन ने थाना सदर बल्लभगढ़ में नरेश के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया है।
छह लोगों की हत्या के आरोपी नरेश धनखड़ की बृहस्पतिवार को पलवल अदालत में पेशी थी। बताया जा रहा है कि पलवल से पेशी पर लौटने के बाद जेल कर्मी नरेश को बैरक में बंद कर रहे थे। इसी दौरान नरेश उनसे हाथ छुड़वाकर भागकर जेल के बाथरूम में घुस गया और अंदर से चटखनी लगा ली। नरेश बाथरूम से बाहर नहीं निकला तो जेल कर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया। काफी खटखटाने पर भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो पुलिस कर्मियों ने दरवाजा तोड़ दिया। सूत्रों की माने तो जिस समय जेलकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा, उस समय साइको किलर अपने अंगोछे से फंदा लगाने का प्रयास कर रहा था। यह देखकर जेलकर्मियों के होश फाख्ता हो गए। इसके बाद तत्काल उसे बाहर निकाला गया। तब तक वह बेेहोश हो चुका था। तत्काल ही उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसे तत्काल बीके सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। फिलहाल साइको किलर को जेल अस्पताल में ही रखा गया है। रात भर वह जेल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रहा। जहां उसकी हालत अब ठीक है।
साइको किलर नरेश धनखड़ की इस हरकत के बाद जेल प्रबंधन ने उसके खिलाफ थाना सदर बल्लभगढ़ में आत्महत्या के प्रयास करने की शिकायत की, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार करेगी। इस घटना के बाद से ही नरेश की निगरानी बढ़ा दी गई है।
कोट
अदालत से पेशी पर आने के बाद नरेश ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। उसे उपचार दिया गया है और अब वह सामान्य है। उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया गया है।
- सचिन कौशिक, उपाधीक्षक, जिला जेल नीमका
एक जनवरी की रात बरपाया था कहर
नव वर्ष के जश्न की खुमारी में डूबे पलवल शहर में नए साल के दूसरे दिन पौ फटने से पूर्व छह लोगों की जान लेने वाले साइको किलर नरेश धनखड़ ने सभी हत्याएं एक ही तरीके से की थीं। सनकी हत्यारे ने पानी की आपूर्ति के लिए डाले जाने वाले एक इंची पाइप (रॉड) से तब तक वार किए, जब तक कि मृतकों की जान नहीं निकल गई। सेना से मेडिकल ग्राउंड पर रिटायरमेंट के बाद नरेश धनखड़ पिछले दस वर्षों से कृषि विभाग में अधिकारी के तौर पर कार्य कर रहा था। उसका अपनी पत्नी से पिछले लगभग 6 वर्षों से विवाद चल रहा था और वह नरेश से अलग अपने पिता के पास रह रही थी। अकेले रहने और आवश्यक दवाइयां समय पर न लेने से नरेश का अवसाद बढ़ गया और उसने एक जनवरी की देर रात एक महिला अंजुम सहित 6 लोगों की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह नीमका जेल में बंद है।