दो साल से जवाहर पार्क में था गुलरिया का रंजीत
मथुरा के जवाहर बाग कांड के बाद से गुलरिया गांव का रंजीत लापता है। दो साल से रंजीत जवाहर बाग में रह रहा था। अब न तो रंजीत का फोन लग रहा है और न ही उसके साथी घर वालों को कुछ बता रहे हैं। मझौरा गांव के मथुरा व उनका पुत्र नागेश भी जवाहर बाग से लापता है। मथुरा नौसर जोगी गांव से कुछ साल पहले मझौरा चला गया था।
गुलरिया के चंद्रकांत का पुत्र रंजीत शर्मा करीब दो साल पहले घर से निकला था। बाद में पता चला कि वह जिन लोगों के साथ काम करने को बताकर गया था, वे सब उसे मथुरा के जवाहर बाग ले गए थे। पिता चंद्रकांत कहते हैं कि रंजीत घर वालों से संपर्क बहुत कम रखता था। अभी शादी नहीं हुई थी। मां कहती है कि कुछ दिन पहले उससे बात हुई थी। उसकी बातों से लगता था कि उसे वहां दबाव में रखा जा रहा है, उसका फोन बीच में अचानक कट जाता था। अगली बार नए नंबर से कॉल आती थी।
नौसर जोगी गांव में भी जयगुरुदेव के शिष्यों की तादाद काफी है। जयगुरुदेव की मौत के बाद इस गांव के लोग रामवृक्ष के शिष्य बन गए। मटैहिया गांव की महिला की मौत इसी कांड में हुई।
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