बाढ़ राहत चेक घोटाले में फर्जी खाता खुलवाकर भुगतान कराने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान भेजा है।
बाढ़ राहत चेक घोटाले के विवेचक दरोगा वीर सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले जेल गए शुक्ल प्रसाद ने मंझिलीपुरवा निवासी चार व्यक्तियों का नाम बताए थे। इस मामले में जांच करने के बाद इसी गांव के प्रहलाद, रतीराम और मटहिया निवासी चुन्ना दोषी पाए गए थे। मंगलवार देर रात तीनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कई लोगों के नाम बताए है। प्रहलाद और रतीराम ने पुलिस को बताया कि दोनों चेक एक लेखपाल ने शुक्ल प्रसाद के माध्यम से दिए थे। शुक्ल प्रसाद ने बैंक कर्मियों की मिलीभगत से भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी खाता खुलवाया था। खाता खुलवाने और चेक का भुगतान कराने के बदले उन लोगों को तीन सौ रुपये दिए गए थे।
विवेचक दरोगा वीर सिंह ने बताया कि इस मामले में लेखपाल की लापरवाही उजागर हुई है। जालसाजों के पास चेक कहां से आए, इस मामले की जांच चल रही है।