बता दें कि चंदपुरा निवासी रामजीवन वर्मा का पुत्र 15 वर्षीय अनुज वर्मा गांव के ही दो दोस्तों गोलू और मोहित के साथ शनिवार की शाम चार बजे घूमने के लिए निकला था, जिसके बाद देरशाम वापस न आने पर परिवार वालों ने खोजबीन शुरू कर दी। तीनों किशोरों का सुराग न लगने पर परिवार वालों ने एलआरपी पुलिस चौकी को गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद जांच के लिए चौकी इंचार्ज तीनों किशोरों के घर पहुंचे, जिसकी जानकारी तीनों किशोरों को हुई, तो सोमवार की सुबह तीनों लौट आए। पूछताछ के दौरान तीनों किशोरों ने बताया कि वे लोग शनिवार की शाम को ही घूमने के लिए रोडवेज बस से दिल्ली चले गए थे, जहां घूमने के बाद रविवार की रात आनंद विहार बसअड्डे से बस पकड़कर वापस आए। अनुज घर से दो हजार, मोहित और गोलू क्रमश: पांच सौ और तीन सौ रुपये लेकर गए थे। जबकि अनुज ने बताया कि 58 हजार रुपये घर में ही छिपाकर रख दिए थे।