हफ्ते भर से मकान था बंद, घर लौटे तो हुई जानकारी
सदर कोतवाली क्षेत्र की मिश्राना पुलिस चौकी क्षेत्र में लूट और चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हफ्ते भर से बंद पड़े मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी वनरक्षक रामहेत त्रिवेदी के मकान में चोर बिजली के खंभे के सहारे छत पर चढ़कर अंदर घुस गए और तीन कमरों का ताला तोड़ दिया। चोर 30 हजार की नकदी, 18 तोला सोना और, आधा किलो चांदी, कपड़े, बर्तन समेत करीब 10 लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मंगलवार को जब रामहेत वापस आए तो घटना की जानकारी हुई।
मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी रामहेत त्रिवेदी ने बताया कि वह सीतापुर जिले के बिसंवा रेंज में वनरक्षक पद पर तैनात हैं और वहीं पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। शास्त्रीनगर स्थित मकान पर उनकी ननिया सास और पुत्री रहती है। पखवाड़े भर पहले ननिया सास फिसल कर गिर गईं थी। जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 अक्तूबर को डॉक्टर ने लखनऊ रेफर किया था, लेकिन 17 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई थी, जिस पर वह पुत्री के साथ बिसवां गए थे। घर के मुख्य गेट और कमरों में ताला पड़ा था। मकान के पीछे एक कोने में लगे बिजली के खंभे के सहारे चोर छत पर चढ़ आए और तीन कमरों का लॉक तोड़ दिया। चोरों ने घर के अंदर रखे बक्सों, अलमारी आदि का ताला तोड़कर उसमें रखे 30 हजार रुपये, एक लैपटॉप, एक हार, झाला, पांच अंगूठी, चार सोने की चेन, झूमकी समेत करीब 18 तोला सोना, एक किलोग्राम चांदी, कीमती बर्तन, कपड़े आदि चोरी कर लिए। मंगलवार की सुबह जब वह घर वापस आए और मेन गेट का ताला खोलकर अंदर घुसे तो देखा की तीनों कमरे के लॉक टूटे हुए थे। कमरों के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। बक्से खाली पड़े थे। यह देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी, सूचना पर चौकी प्रभारी मिश्राना जेपी यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित ने घटना की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। चौकी प्रभारी जेपी यादव ने बताया कि तहरीर मिली है, रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
मोहल्ले में नहीं होती पुलिस की गश्त
मोहल्ला शास्त्रीनगर के लोगों ने बताया कि मोहल्ले में रात को पुलिस की गश्त नहीं होती है। जिससे रात भर असमाजिक तत्वों का आना-जाना रहता है। कई बार सदर कोतवाल और चौकी पुलिस से इस पर अंकुश लगाने की मांग की गई, लेकिन पुलिस ने कोई सुधि नहीं ली। मोहल्ले वालों का कहना है कि पुलिस यदि रात में एक एक बार भी मोहल्ले में घूम जाए तो असमाजिक तत्वों की आवाजाही पर अंकुश लग सकता है।