गांव बथुआ निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात गेट में लगा एक बोल्ट खोल कर बदमाश घर के अंदर घुस आए। घर में घुसते ही बदमाशों ने बरामदे में सो रहे घर के मुखिया महेंद्र सिंह को तमंचे के बल पर बांध दिया। उसके बाद मोबाइल छीनकर अन्य कमरों के दरवाजे खुलवाए। परिवार के सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने महेंद्र सिंह की पिटाई भी की। अलमारी आदि की चाबी लेकर बदमाशों ने घर का सारा सामान पलट कर बाहर फेंक दिया। अलमारी में रखा सोने का मांग टीका, कुंडल, चार सोने की अंगूठी लूट लीं। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। किसी तरह से परिवार वालों ने दरवाजा खोला और घर से बाहर आए। उसके बाद शोर मचाया और घटना की जानकारी एसओ को दी। आरोप है कि सूचना के चार घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उधर इस बाबत एसओ निघासन संजय यादव ने बताया कि अधिक दूरी होने के कारण देरी हुई थी। फिलहाल मामले की रिपोर्ट चोरी में दर्ज की गई है। जांच के बाद चोरी को लूट में दर्ज कर लिया जाएगा। सीओ निघासन मोहम्मद इब्राहिम के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए। रिपोर्ट लिखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं। समय-समय पर होने वाली बैठकों में निर्देश भी दिए जाते रहे हैं। लूट जैसे संज्ञेय अपराधों में तुरंत मुकदमा लिखा जाना चाहिए। यदि किसी लूट की घटना में चोरी का मुकदमा लिखने का मामला सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।