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चोरी, लूट की वारदातों से थर्राया जिला 

Sat, 08 Oct 2016 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
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चोरी - फोटो : अमर उजाला
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- कहीं रिपोर्ट नहीं लिखी तो कहीं धाराओं में किया खेल 
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- एसपी की चेतावनी का थानेदारों पर नहीं दिखा असर
जिले में ताबड़तोड़ लूट, डकैती और चोरी की वारदातेें हो रहीं हैं। सदर कोतवाली, नीमगांव, निघासन, ईसानगर, मोहम्मदी, भीरा थाना क्षेत्रों में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। हकीकत छुपाने के लिए पुलिस इन घटनाओं को दर्ज करने से कतराती है। थाना नीमगांव क्षेत्र में एक महीने में चार घरों में डकैती की वारदात हुई। इनमें से पुलिस ने सिर्फ तीन घरों में घुसकर चोरी करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन किसी भी घटना का खुलासा अभी तक नहीं कर सकी। यही हाल कई अन्य थानों का भी है। 
आठ सितंबर की रात शहर से देहात तक चोरों की धमक रही। जिले के कई स्थानों पर सीरियल चोरी, लूट की घटनाओं से जिले वासी थर्रा उठे। सदर कोतवाली क्षेत्र में चोर महिला थाना के सामने अरविंद सिंह की दुकान में सेंध लगा दी और लाखों रुपये का सामान चोरी कर ले गए थे। गांव देउवापुर के पांच घरों से लाखों का सामान बटोर लिया था। महेवागंज चौकी क्षेत्र के गांव सफीपुर निवासी बलराम वर्मा और उनके बड़े भाई के घर से लाखों पर हाथ साफ कर दिया था। थाना ईसानगर के गांव मुराउनपुरवा इदरीश के घर पर लूटपाट की थी। 28 सितंबर की रात थाना नीमगांव के गांव अटई के दो घरों और छह अक्तूबर की रात गांव वम्हनापुर और लोहटी के दो घरों में बदमाशों ने जमकर लूटपाट की। पुलिस ने सिर्फ घर में घुसकर असलहों के बल पर सामान चोरी कर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद बदमाशों ने थाना भीरा के गांव छतुरी में लूटपाट और एक घर में चोरी, जबकि शारदानगर चौकी क्षेत्र के गांव उमरिया निवासी रामप्रकाश अवस्थी के घर से लाखों का सामान बटोर ले गए थे। थाना निघासन, मैगलगंज में भी कई चोरियां और दिनदहाड़े लूटपाट की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने इनमें से कई घटनाओं को दर्ज ही नहीं किया। हालांकि बढ़ते अपराधों पर एसपी अखिलेश चौरसिया अपराध समीक्षा बैठक में नीमगांव, निघासन और ईसानगर एसओ को चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन इसका असर थानेदारोें पर पड़ता नहीं दिख रहा है। 
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पीड़ित की तहरीर के आधार पर ही रिपोर्ट दर्ज होती है। अधिकतर घटनाओं का वर्क आउट किया जा चुका है, जो घटनाएं शेष हैं, उनका भी शीघ्र खुलासा किया जाएगा। घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनाकर कार्य किया जा रहा है। 
- अखिलेश चौरसिया, एसपी
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