रत्नापुर गांव के बाहर आम के पेड़ से युवक का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। वह बिजुआ में घर बनाकर रह रहा था। परिवार वाले किसी तरह के विवाद से इंकार कर रहे हैं।
भीरा थाना क्षेत्र के रत्नापुर निवासी भगवानदीन दीक्षित के दूसरे नंबर के पुत्र पवन दीक्षित (35) का शव रविवार की सुबह गांव के उत्तर दिशा में स्थित बाग में लटकता मिला। पवन कई साल से बिजुआ कस्बे में होटल चलाकर व गांव में मिली कुछ जमीन पर खेती कर अपनी गुजर बसर कर रहे था। बीते कुछ समय से होटल बंद हो जाने से वह आर्थिक रूप से परेशान था। पुलिस के मुताबिक आर्थिक तंगी होने से वह नशे का आदी हो गया था। घर पर कुछ गाय पाल रखी थीं, रोजाना गांव से पवन जानवरों के लिए चारा लेने जाता था। शनिवार शाम को वह रत्नापुर चारा लेने गया था, इसके बाद नहीं आया। पत्नी सुमन ने सोचा कि वह रात को गांव में ही रूक गया होगा। सुबह रत्नापुर से पवन के चाचा लखनऊ जाने के लिए बिजुआ आए तो चौराहे पर बने घर से पवन की पत्नी ने कहा कि पवन चारा लेने गांव गए थे, लेकिन लौटे नहीं। तब जाकर पवन को ढूंढ़ने की कवायद शुरू हुई। इस दौरान गांव के बाग में एक पेड़ से करीब आठ फुट ऊंचाई पर उसका शव लटकता हुआ मिला। पुलिस आर्थिक तंगी को ही कारण मान रही है।
मृतक की पत्नी गांव में है शिक्षामित्र
पवन की पत्नी गांव के ही स्कूल में शिक्षामित्र के पद पर तैनात है। इसी मार्च माह में प्रस्तावित सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति भी तय मानी जा रही थी। पवन की मौत के से सुमन, तीन छोटे-छोटे बच्चे रूपेश, विस्सू और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है।