- गांव के ही एक युवक को पीटने पर भड़के थे ग्रामीण
- आरोपियों के पास था तमंचा, मिस फायर से टला हादसा
गांव खानपुर रिश्तेदारी में आए गांव सराय निवासी तीन युवकों को दादागिरी दिखाना महंगा साबित हुआ। गांव के एक लड़के की पिटाई से नाराज ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई कर मौके पर पहुंची पुलिस को सौंप दिया, जबकि एक युवक मौके से फरार हो गया। उसके पास तमंचा भी बताया जाता है। जिससे एक मिस फायर भी हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
गांव सरांय निवासी संजोग वर्मा अपने साथी गांव के ही सुरेंद्र गुप्ता और निघासन थाने के गांव अदलापुर निवासी त्रिजुगी नरायन के साथ खानपुर निवासी अपने फूफा धीरेंद्र वर्मा के यहां सोमवार की रात करीब आठ बजे आया था। खानपुर निवासी पीड़ित 20 वर्षीय मंजीत वर्मा ने बताया कि वह धीरेंद्र के छोटे चचेरे भाई शिवा से बात कर रहा था। वहां पर संजोग वर्मा भी था, उसे लगा कि मैं संजोग के बारे में बात कर रहा हूं। इस पर वह मंजीत को बुरा-भला कहने लगा। विरोध करने पर उसने साथियों के साथ मंजीत को दौड़ा लिया और एक ग्रामीण के दरवाजे पर गिराकर पीटने लगे। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाया। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए धीरेंद्र के घर जा बैठे। शोर-शराबा सुनकर मौके पर कई ग्रामीण एकत्र हो गए। नाराज ग्रामीणों ने धीरेंद्र के घर को घेरकर आरोपियों को बाहर निकाला। इसी बीच संजोग के पास 315 बोर का तमंचा देख लोग आपा खो बैठे। जबरन तमंचा छीनकर संजोग और सुरेंद्र की पिटाई शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे सिपाही उदयभानु ने ग्रामीणों के मदद से दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन स्थित बिगड़ती देख सिपाही ने थाने से फोर्स बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने संजोग, सुरेंद्र और धीरेंद्र के लड़के लक्की को हिरासत में ले लिया, जबकि त्रिजुगी तमंचे के साथ फरार हो गया। पुलिस ने बताया बरामद तमंचे का ट्रेगर दबाया गया था, लेकिन कारतूस मिस हो गया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। एसओ ब्रजराज यादव ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर तीन आरोपियों का चालान कर दिया गया है।