मंगलवार की सुबह खेत में शौच गई किशोरी के साथ गांव के ही एक युवक ने दुराचार किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक के खिलाफ दुराचार और पास्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। किशोरी को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी मंगलवार की सुबह गांव के पास स्थित गन्ने के खेत में शौच को गई थी। उसी समय गांव एक युवक आ धमका और उसे पीछे से दबोचते हुए गन्ने के खेत में घसीट ले गया। किशोरी ने शोर मचाने का प्रयास किया तो उसने उसका मुंह दबा लिया। उसके साथ युवक ने दुराचार किया। युुवक उसे शिकायत पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। किसी तरह से किशोरी रोते बिलखते हुए अपने घर पहुंची और सारी घटना से अपने परिवार वालों को अवगत कराया। दोपहर बाद किशोरी के पिता थाने पहुंचे और युवक के खिलाफ दुराचार की तहरीर दी। पुलिस ने मामले की जांचकर बुधवार की सुबह गांव के ही मोहन के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज करते हुए किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। एसओ डीके यादव ने बताया कि मामले में पास्को एक्ट और दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभी तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई हैं। आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।
आयोग के निर्देश पर दुराचार की रिपोर्ट : पलियाकलां। अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के निर्देश पर पुलिस ने सात माह बाद दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
क्षेत्र के गांव की महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि 19 फरवरी 2015 को वह घर से जा रही थी। तभी पांच लोगों ने उसके साथ गन्ने के खेत में दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जब उसने इसकी जानकारी पुलिस को दी तो उसे वहां से भगा दिया गया था। इसके बाद उसने अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग, लखनऊ को पत्र भेजा था। आयोग के निर्देश पर पुलिस ने 18 सितंबर को पुलिस ने पांचों आरोपियों पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक इसमें ग्राम चिड़िया फार्म नगला के अजीत सिंह, चरनजीत सिंह, लखविंदर सिंह, मंजीत सिंह, जगदीश सिंह आरोपियों में शामिल हैं। मामले में अनुुसूचित जाति एक्ट की भी धाराएं लगाई गई हैं।