कस्बे के एक स्कूल में पढ़ने गए कक्षा चार के दो छात्र स्कूल से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। दोनों छात्रों के बैग स्कूल में ही रखे मिले हैं। इसमें एक बच्चा संपन्न किसान का बेटा है। उनके अपहरण की आशंका जताई जा रही है। पहले स्कूल प्रबंधन ने मामले को छुपाए रखा और घरवालों को बच्चों के घर न पहुंचने पर उनके गायब होने की जानकारी लगी। घरवालों ने ग्रामीणों के संग पहले इलाके में आसपास गन्ने के खेतों में बच्चों की तलाश की। जब बच्चे नहीं मिले तो घरवाले नीमगांव थाने गए। पुलिस ने अभी गुमशुदगी दर्ज कर ली है।
नजीमाबाद के राजवीर सिंह का पुत्र 10 वर्षीय अमोल और मूड़ा पासी निवासी राजीव वर्मा का 11 वर्षीय पुत्र अनुज ब्राइट स्टूडेंट एकेडमी स्कूल में कक्षा चार के छात्र हैं। दोनों बृहस्पतिवार को स्कूल गए थे। लंच तक दोनों बच्चे स्कूल में थे लेकिन उसके बाद गायब हो गए। वह कहां गए किसी को पता नहीं चला। शिक्षक कक्षा में पहुंचे तो दो बच्चों के गायब होने का पता चला। स्कूल प्रबंधन ने घरवालों को उस समय इसकी जानकारी देना तक सही नहीं समझा। छुट्टी के बाद जब बच्चे घर नहीं पहुंचे तो घरवाले स्कूल पता करने पहुंचे। स्कूल में घर वालों को बताया गया कि बच्चे लंच से गायब हैं।
बच्चों के गायब होने के बाद हड़कंप मचा और ग्रामीणों ने मिलकर आसपास के इलाकों को छान मारा लेकिन बच्चे कहीं नहीं मिले। खेतों और आसपास के इलाकों में खोजबीन के साथ रिश्तेदारों से बात की गई लेकिन बच्चों का सुराग नहीं मिला। बच्चे नहीं मिले तो दोनों परिवार के लोग ग्रामीणों के संग थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अभी गुमशुदगी में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं गांव वाले अपहरण की आशंका जता रहे हैं। अनुज के गांव वालों का कहना है कि उसके पिता संपन्न किसान हैं और आशंका है कि फिरौती के लिए उसका अपहरण किया गया हो।
लापरवाह रहा स्कूल प्रबंधन
सिकंद्राबाद। भले ही स्कूल प्रबंधन बच्चों की तलाश में जुटे रहने का दावा कर रहा हो लेकिन मामले में स्कूल की भी लापरवाही रही। बच्चों के गायब होने के बाद स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल ने अपना फोन बंद कर लिया है। वहीं स्कूल से बताया जा रहा है कि अमोल केजी में पढ़ने वाले अपने भाई पांच वर्षीय नागेश से कहकर गया था कि उसका बस्ता घर लेते जाना, वह घर आ जाएगा। घरवालों ने नागेश से पूछा तो उसने मना किया। स्कूल ने अगर समय से सूचना दे दी होती तो शायद बच्चों का पता लगाया जा सकता था।
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अमोल का दूसरा भाई भी स्कूल में पढ़ता है। वह अपने भाई से कहकर गया था कि मेरा बस्ता घर ले जाना, हम घर आ जाएंगे। छुट्टी के बाद वे घर नहीं पहुंचे तो चिंता बढ़ी। स्कूल भी बच्चों की तलाश में जुटा है।
- पंकज मिश्रा, शिक्षक, ब्राइट स्टूडेंट एकेडमी
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घरवालों की सूचना पर दोनों छात्रों की गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश कराई जा रही है।
- बृजेंद्र सिंह, एसओ नीमगांव