निघासन क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ मजरा चखरा निवासी करतब दिखाने वाले की लापता होने के चौथे दिन शुक्रवार की शाम करीब चार बजे खून से सनी लाश मिली। पुलिस के अनुसार दस नवंबर को यह व्यक्ति नेपाल में तमाशा दिखाकर अपने साथी के साथ लौट रहा था। रास्ते में उसके साथी को कुछ लोगों ने रोक कर पिटाई कर दी। इसके बाद साथी बेहोशी की हालत में पाया गया था और वह लापता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ मजरा चखरा निवासी नब्बू शाह का 38 वर्षीय पुत्र सलामत शाह और शातिम शाह पड़ोसी देश नेपाल अपने साथियों के साथ खेल तमाशा दिखाने गए थे। जहां से वह मंगलवार को शाम 6 बजे वापस आ रहे थे। भारतीय आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के गांव बंदर भरारी के नजदीक दो लोगों ने उन्हें रोक लिया और पूछने लगे कहां के रहने वाले हो। शातिम शाह ने पुलिस को बताया था कि पता बताने पर उन लोगो ने दोनों को गन्ना से पीटना शुरू कर दिया, जिससे थोड़ी ही देर में वह बेहोश हो गया और जब उसे रात में होश आया तो उसका साथी लापता था। किसी तरह वह घर पहुंचा और परिवार वालों को पूरी बात बताई, तबसे उसकी तलाश की जा रही थी। 12 नवंबर को सलामत के कपड़ेे खून से लथपथ मिले थे। इसी से किसी अनहोनी की संभावनाएं प्रबल हो गईं थीं। जहां कपड़े मिले थे, उससे कुछ दूरी पर ही शुक्रवार को गन्ने के खेत से पुलिस ने लाश बरामद कर ली। कोतवाल फूलचंद के अनुसार, लाश को आज ही यहां डाला गया है, क्योंकि गुरुवार को यहां लाश नहीं थी। मृतक के मुंह, सीने और पेट पर नुकीले हथियार से तमाम प्रहार किए गए हैं। फिलहाल प्रथम दृश्टया हत्या का मामला होने के कारण मृतक के भाई कलीम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घायल शातिम को मेडिकल परिक्षण के लिए पलिया भेजा गया है।