घायल बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिस पर परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
मितौली निवासी वारिस उर्फ भुट्टू की सात वर्षीय पुत्री साफिया शनिवार को घर में खेल रही थी। इसी दौरान छत पर रखी पानी भरी बाल्टी उसके सिर पर आ गिरी, जिससे उसका सिर फट गया। बच्ची को बेहोशी की हालत में मितौली सीएचसी ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्ची का सही इलाज न किए जाने से उसकी मौत हो गई। नाराज परिवार वालों और पड़ोसियों ने मितौली ब्लाक कार्यालय के सामने शव को रखकर लखीमपुर मैगलगंज मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सीओ मितौली मिथिलेश दीक्षित, बीडीओ मितौली राकेश प्रसाद और एसओ पीके सिंह ने मौके पर जाकर डॉक्टर और वार्ड ब्वाय पर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस बाबत स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. एएन चौहान ने बताया की लड़की को मृत हालत में ही अस्पताल लाया गया था न कि इलाज में कोई लापरवाही हुई।