सदर कोतवाली क्षेत्र के रवहीं पुल पर हुए साबिया हत्याकांड मामले में पुलिस की तफ्तीश में अहम तथ्य सामने आए है। जांच में पता चला है कि साबिया को हत्या किए जाने का आभास पहले ही हो गया था। घटना वाली शाम को वह रंगीलानगर निवासी अपनी बुआ के यहां से अपने घर (धौरहरा) जाना नहीं चाहती थी। इस बावत उसने अपनी बुआ से बात भी की थी, लेकिन उसका भाई जिद कर अपने साथ ले गया था।
शुक्रवार की रात को धौरहरा के शुक्ला वार्ड निवासी अमीर हमजा की पुत्री साबिया की रवहीं पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद मृतका के भाई अलीम ने साबिया के कथित प्रेमी साजिद समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। घटना वाले दिन साबिया को उसका भाई अलीम रंगीलानगर निवासी बुआ के यहां से धौरहरा लेकर जा रहा था। रास्ते में वारदात हो गई। पुलिस जांच और मोबाइल कॉल डिटेल में आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल या उसके आसपास नहीं मिली है। जबकि वादी के बयानों में काफी झोल था, जिससे पुलिस का शक ऑनर किलिंग की ओर गहरा गया था। जांच के दौरान मृतका के नाना मोबीन निवासी धौरहरा ने अपने दामाद और मृतका के पिता अमीर हमजा पर ही साबिया की हत्या का आरोप लगाकर पुलिस के दावों को बल दे दिया है। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे ऑनर किलिंग के साथ ही एक तीर से कई निशाने साधने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि नामजद आरोपियों और वादी के बीच पुराने मामलों को लेकर पहले से ही तनातनी थी। लिहाजा हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने का तानाबाना कई दिन पहले से बुना जा रहा था, जिसकी भनक साबिया को लग चुकी थी। पुलिस के मुताबिक जब मृतका की बुआ से पूछताछ की गई तो पता चला कि साबिया घर नहीं जाना चाहती थी और परिवार वालों से ही जान का खतरा जताया था।
शहर कोतवाल नेमचंद गंगवार ने बताया कि साबिया हत्याकांड मामले की जांच में अहम तथ्य सामने आए हैं। मृतका के परिवार वालों से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।