चार दिन में बाघ ने किया दूसरा शिकार
खेत की रखवाली कर रहे अधेड़ पर बाघ ने हमला कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
थाना मैलानी के गांव छेदीपुर निवासी 56 वर्षीय टीकाराम गांव के पास स्थित अपने गन्ने के खेत की रखवाली कर रहे थे। इसी बीच शाम करीब पांच बजे गन्ने में छिपे बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना पाकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उनकी गर्दन पर कई घाव हैं, जिससे समझा जा रहा है कि बाघ ने उनकी गर्दन दबोची। समाचार फाइल किए जाने तक टीका का शव गन्ने के खेत में ही पड़ा था और वन विभाग और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ अब भी गन्ने के खेत में ही छिपा है, क्योंकि उसके दहाड़ने की आवाज खेत आ रही है। यह क्षेत्र भी मैलानी वन रेंज के खरेहटा बीट के अंतर्गत आता है।
चार दिन पहले बाघ के हमले में हुई थी सरस्वती की मौत
मैलानी। चार दिन पहले ही 15 अगस्त को मैलानी रेंज की गदनियां बीट के सुआबोझ वन ब्लाक जंगल में लकड़ी बीनने गई सुरजनपुर कपरहा कुआं निवासी हिंछलाल की 13 वर्षीय पुत्री सरस्वती पर बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली थी। लगातार दो घटनाओं से ग्रामीणों में भय है। पिछले सात माह के अंदर बाघ के हमले में टीकाराम समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
बाघ के हमले में अधेड़ की मौत की सूचना मिली है। मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम लगा दी गई है। ग्रामीणों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और खेतों में अकेले न जाएं।
-डीएस यादव, रेंजर मैलानी