बेटा बोला, बीमारी से हुई है पिता की मौत
पुलिस ने पैनल से कराया पोस्टमार्टम, वीडियोग्रॉफी भी कराई
गांव करौंहा निवासी 75 वर्षीय सरजू की घर में ही गुरुवार तड़के मौत हो गई। कुछ लोगों उसका शव लेकर कोतवाली पहुंचे और गेट पर शव रखकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंगलवार को पुलिस मृतक के बेटे अनंतू को पकड़ने गई थी। अनंतू के न मिलने पर उसके पिता की पिटाई कर दी, जिससे सूरज की मौत हो गई। उधर मृतक के बेटे ने पिटाई की बात से इंकार किया है। उसने पिता की मौत लंबी बीमारी से होने की आशंका जताई है। एसपी ने मौके पर पहुंचकर परिवार वालों से बात की। एसपी के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्रॉफी के बीच तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया।
पुलिस की टीम ने मंगलवार की रात गांव करौंहा निवासी वारंटी अनंतू के घर पर दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिला। गुरुवार की तड़के सूरज की मौत हो गई। कुछ लोग पुत्रवधू पूनम और छोटे बेटे मधुपाल के साथ शव लेकर कोतवाली पहुंच गए और और पुलिस पिटाई से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। एसआई सुनीत कुमार ने जब पुत्रवधू से तहरीर मांगी तो वहां मौजूद करौंहा के ही एक व्यक्ति से उनकी झड़प हो गई। कोतवाल रामजी चौधरी ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इससे पहले एसपी मनोज कुमार झा, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, सी ओ हरीराम वर्मा, एसडीएम आलोक कुमार और नायब तहसीलदार अभिमन्यु कुमार भी कोतवाली पहुंच गए। इसके अलावा एसओ ईसानगर शिवानंद यादव और कफारा चौकी पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। इसी बीच पहुंचे वारंटी अनंतू ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें बताया कि उसके पिता ढाई साल से बीमार चल रहे थे और श्वांस के मरीज थे। उसने पिटाई की बात से इंकार कर दिया और पिता की बीमारी से मौत होने की आशंका जताई। पोस्टमार्टम कराने की आवश्यकता जताते हुए उसने पुलिस को तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कोई मारपीट नहीं हुई है। कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से अनावश्यक पुलिस को परेशान करना चाहते हैं। शव का वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हकीकत सामने आ जाएगी।