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एंबुलेंस न पहुंचने से जच्चा बच्चा की मौत

Sat, 23 Jul 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ईसानगर।
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एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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प्रसूता के पति ने कार्रवाई के लिए थाने में दी तहरीर
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क्षेत्र के गनेशपुर गांव में एंबुलेंस न पहुंचने से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसूता के पति ने एसओ को तहरीर देकर एंबुलेंस ड्राइवर और आशा वर्कर के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की है।
ईसानगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम गनेशपुर गांव निवासी राजेश की 34 वर्षीय पत्नी चंदा को रात करीब आठ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। राजेश और उसके परिवार वालों ने कई बार एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर बात की। ड्राइवर बार-बार आश्वासन देता रहा कि 20 मिनट में गाड़ी पहुंच रही है लेकिन वह नहीं पहुंचा। तब राजेश गांव में ही खड़ी एंबुलेंस के ड्राइवर के पास जाकर रोया गिड़गिड़ाया लेकिन ड्राइवर का दिल नहीं पसीजा और उसने गाड़ी ले जाने से मना कर दिया। इससे रात करीब तीन बजे राजेश की पत्नी चंदा और नवजात ने दम तोड़ दिया। इतना ही नही जच्चा-बच्चा की देख रेख के लिए रखी गई आशा वर्कर भी मौके पर नहीं आई। 
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चंदा के पति राजेश का आरोप है कि एंबुलेंस और आशा वर्कर की लापरवाही से उसकी पत्नी और बच्चे की मौत हुई है। राजेश ने एसओ को प्रार्थनापत्र देकर दोनों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की है। 
खमरिया सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ वीके स्नेही ने बताया कि प्रसूता की मौत का मामला जानकारी में आया है। एंबुलेंस ड्राइवर एवं आशा वर्कर की लापरवाही के संबंध में जांच के लिए एक टीम गनेशपुर भेजी गई है। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसओ शिवानंद यादव ने बताया की तहरीर मिली है जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
 
102 एंबुलेंस स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप
गोला सीएचसी में संस्थागत प्रसव के लिए गई गर्भवती महिला ने की शिकायत
गोला गोकर्णनाथ/बाकेगंज। गोला सीएचसी में संस्थागत प्रसव के लिए गई गर्भवती महिला ने प्रसव के बाद घर वापसी के लिए 102 एंबुलेंस स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसीएमओ डॉ बलबीर सिंह सहित एंबुलेंस स्टाफ के जिला कोआर्डिनेटर रमाशंकर शुक्ला से की है।
 बाकेगंज कस्बा निवासी मधुमाला गुरुवार दोपहर परिवारीजनों के साथ गोला निवासी रिश्तेदार के घर गई थी। इस दौरान दोपहर बाद गर्भवती मधुमाला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन मधुमाला को शाम पांच बजे संस्थागत सुरक्षित प्रसव के लिए  गोला सीएचसी ले गए। जहां मधुमाला ने शाम लगभग छह बजे एक पुत्र को जन्म दिया। प्रसूता मधुमाला के परिवारीजन कौशल किशोर ने बताया कि सामान्य प्रसव केे बाद स्टाफ नर्स ने प्रसूता को डिलीवरी रूम से निकालकर सीएचसी प्रांगण में पड़ी सीमेंट की बेंच पर लिटा दिया। आरोप है कि 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने परिवारीजनों से जच्चा-बच्चा को बाकेगंज ले जाने के लिए एक हजार रुपये की मांग की। रुपये देने से मना करने पर अभद्रता की। इसके बाद जच्चा-बच्चा को प्राइवेट वाहन से रात 11 बजे बाकेगंज लेकर आए। पीड़ितों ने मामले की शिकायत एसीएमओ सहित संबधित जिला कोआर्डिनेटर से की है।
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उधर इस संबध में एसीएमओ डॉ  बलबीर सिंह और एंबुलेंस जिला कोआर्डिनेटर रमाशंकर शुक्ला ने बताया कि  मामला संज्ञान में आया है। जिले की समस्त सीएचसी में दुर्घटना, गंभीर  रोगियों, संस्थागत प्रसव के लिए सीएचसी और जिला चिकित्सालय में सरकार के माध्यम से 108 और 102 एंबुलेंस सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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