गांव ढखियादेवी में संदिग्ध हालात में दंपति शव पाया गया। घर के पड़ोस में बने बाड़े में पति का शव फांसी पर लटकता मिला, जबकि पत्नी की लाश जमीन पर पड़ी मिली। मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालियों पर दोनों की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस को संदेह है कि पत्नी को मारने के बाद पति लटक गया। क्योंकि महिला के शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं।
जिला सीतापुर के थाना इमलिया सुल्तानपुर के गांव बेलामऊ निवासी गयाप्रसाद ने करीब 20 साल पहले बेटी रीता उर्फ रोहिणी (36) का विवाह मैगलगंज थाने की औरंगाबाद चौकी क्षेत्र के ढखियादेवी निवासी नरेंद्र वाजपेयी (38) के साथ किया था। अच्छे संबंध न होने के चलते रीता ज्यादातर मायके में ही रहती थी।
अभी 10 दिन पहले ही वह ससुराल ढखियादेवी गांव आई थी। शुक्रवार की रात खाना खाकर नरेंद्र वाजपेयी और रीता घर के अंदर गली में एक चारपाई पर सो गए थे। शनिवार की सुबह करीब सात बजे पड़ोस के नीरज वाजपेयी का भाई अंबुज बाड़े में पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गया। बाड़े के अंदर नरेंद्र का शव फांसी पर लटक रहा था, रीता का शव जमीन पर पड़ा था। देखते ही देखते यह खबर गांव में फैल गई। रस्सी से लटक रहे नरेंद्र के शव को ग्रामीणों ने रस्सी काटकर नीचे उतारा।
मृतक रीता के हाथ, पैर और गले पर कई चोटों के निशान मिले। वारदात की सूचना पाकर सीओ मितौली मिथलेश दीक्षित ने घटनास्थल का मुआयना किया और परिवार वालों से जानकारी हासिल की। प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप यादव ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में सन्नाटा
लखीमपुर खीरी। थाना मैगलगंज के गांव ढकियादेवी में घर के पड़ोस के बाड़े में पति की लाश लटकती और पत्नी का शव जमीन पर मिलने से पुलिस असमंजस में है। वजह है, मृतका के मायके वाले जमीन के लालच में दोनों की हत्या करने की बात कह रहे हैं, जबकि परिवारीजन मामले में कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं। उधर दोनों की लाश मिलने से गांव में सन्नाटे का माहौल है। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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मृतक का भाई शुक्रवार को लौटा था ससुराल से
मैगलगंज। मृतक नरेंद्र का भाई मन्नू कई दिन बाद शुक्रवार को अपनी ससुराल से वापस आया था। वहां से लाई पूड़ियों को सब ने मिलकर खाया, जिसके बाद रात करीब 10 बजे सभी सो गए थे। नरेंद्र और उसकी पत्नी किस समय घर से गायब हुए, इसकी भनक किसी को नहीं लगी। जब सुबह चार बजे मन्नू की पत्नी विनीता उठी, तब उसने देखा कि वे दोनों लोग चारपाई पर नहीं हैं। आसपास के घरों में ढूंढने के बाद भी उनका सुराग नहीं लगा। बाद में उन लोगों के शव बाड़े में पड़े होने की जानकारी मिली। मृतक पांच भाई थे, जिनमें सचेंद्र, घनश्याम दिल्ली में नौकरी करते हैं। जबकि राजपाल, मन्नू गांव में ही रहते हैं। पांचों के बीच सिर्फ 25 बीघे जमीन है।
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मासूम बच्चों के सिर से छिना मां-बाप का साया
मैगलगंज। ढखियादेवी गांव में दंपति की मौत के बाद उनके दो मासूम बच्चे 12 साल का रामपूजन और आठ साल का शिवपूजन अनाथ हो गए हैं। मां-बाप की एक साथ मौत देखकर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई उन्हें दिलासा दिला रहा था, लेकिन आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। यहां बता दें दोनों ननिहाल में रहकर ही पढ़ाई कर रहे हैं।
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जमीन हड़पने की खातिर हत्या का आरोप
मैगलगंज। मृतका के भाई वेदप्रकाश अवस्थी ने मृतक के परिवार वालों पर जमीन की खातिर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। वेदप्रकाश अवस्थी ने पुलिस को जो बयान दर्ज करवाया है, उसमें आरोप लगाया है कि उसके भाई नरेंद्र के हिस्से की जमीन को हड़पना चाहते थे। इसी की खातिर दोनों की हत्या की गई है।
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पहले भी हो चुका है विवाद
मैगलगंज। सीतापुर जिले के इमलिया सुल्तानपुर थाने के बेलामऊ निवासी मृतका की मां बिंदयावती ने ढखियादेवी गांव निवासी हरिराम वाजपेयी के तीन पुत्रों पर दहेज की खातिर उसकी पुत्री रीता उर्फ रोहिणी को परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने 25 जून 2014 को एसपी खीरी को प्रार्थनापत्र भेजकर आरोप लगाए थे। आरोप यह था कि ससुरालीजन दहेज में बाइक, भैंस और 30 हजार नकद मांग रहे हैं। एसपी ने इस मामले को औरंगाबाद चौकी इंचार्ज को सौंपा था, जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।