- पांच माह पहले हुई थी मौत, जेसीबी से निकाला शव
- प्रधान पति समेत सात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज
- मैगलगंज थाना क्षेत्र के हैरमखेड़ा गांव का मामला
मैगलगंज थाना के गांव हैरमखेड़ा में संदिग्ध हालात में हुई वृद्ध की मौत के मामले में पुलिस ने करीब पांच माह बाद न्यायालय के आदेश पर प्रधान पति समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के लिए कब्र में दफन किए जा चुके शव को जेसीबी मदद से बाहर निकाला गया। इस कार्रवाई के दौरान सीओ मितौली निष्ठा उपाध्याय और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता मौके पर मौजूद रहे।
मुकदमे के वादी विजयपाल निवासी हैरमखेड़ा ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह अपने ममेरे भाइयों परमाई एवं मृतक सियाराम के साथ सपरिवार रहता था। प्रार्थी की सेवा से प्रसन्न होकर परमाई एवं सियाराम ने अपनी संपत्ति की वसीयत उसके नाम कर दी थी। इसकी जानकारी उसके भाइयों को हुई, जिसके बाद आरोपी भाइयों ने पांच अप्रैल 2016 को सियाराम की जहर देकर हत्या कर दी। फिर बिना कोई पैसा दिए जीवित परमाई से रजिस्ट्री बैनामा करा लिया। तब इसकी सूचना मैगलगंज थाने में दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेकर न्यायालय ने सात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। मैगलगंज थाना प्रभारी गुलाब शंकर पांडेय ने निर्मल सिंह, राजपाल उर्फ बहादुर, बालकराम, ओमप्रकाश, अतुल, हरद्वारी, रामसहाय निवासी हैरमखेड़ा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और पांच माह पूर्व दफनाए गए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुटी।