- घरवालों को गन प्वाइंट पर लेकर बनाया बंधक
- घंटे भर लूटपाट, नगदी-जेवर समेत दो लाख का सामान लूटा
- पुलिस ने धाराओं में किया खेल, चोरी में दर्ज की रिपोर्ट
बरवर पुलिस चौकी के गांव गलरई के दो घरों में सोमवार की रात बदमाशों ने धावा बोल दिया और परिवार वालों को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया और दोनों घरों से नगदी, जेवर समेत लाखों रुपये का सामान बटोर ले गए। पीड़ितों ने घटना की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने डकैती की घटना को छुपाने के लिए धाराओं में खेल कर दिया। पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने की धाराओं में रिपोर्ट में दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। एक ही रात में दो घरों में हुई डकैती की वारदात से ग्रामीणों में दहशत है।
गांव गलरई निवासी रामपाल ने बताया कि वह परिवार समेत घर के अंदर सो रहे थे। सोमवार की रात करीब 12 बजे आधा दर्जन से अधिक सशस्त्र बदमाश मेन दरवाजे से उसके घर घुस आए। बदमाशों ने उसे, उसके पुत्र बृजेश, विनोद, संतोष सहित परिवार के सभी सदस्यों को असलहों के बल पर कब्जे में कर लिया और बांधकर डाल दिया। एक बदमाश शोर मचाने पर गोली मार देने की धमकी देते हुए उनके पास असलहा ताने खड़ा रहा। बाकी बदमाशों ने घर खंगालना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि बदमाश करीब एक घंटे तक उनके घर लूटपाट करते रहे। बदमाश उनके घर से सोने, चांदी के जेवर तथा कपड़े लूट लिए। इसके बाद पड़ोसी जयराखन के घर पर बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने गृह स्वामी, उसके पुत्र मनोज, पुत्रवधू सुधा और पत्नी को बंधक बनाकर दस चांदी के सिक्के, सोने तथा चांदी के जेवर लूट लिए और भाग निकले। बदमाशों के जाने पर उन लोगों ने शोरशराबा किया। आसपास के लोगों ने उन्हें बंधन मुक्त किया। बदमाश दोनों घरों से लगभग दो लाख की संपत्ति लूट ले गए। घटना की सूचना पर बरबर चौकी पुलिस तथा पसगवां कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और घर वालों से घटना के बाबत जानकारी ली। घटना को छुपाने में माहिर पुलिस ने धाराओं में खेल कर दिया और घर में घुसकर चोरी होने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर विजय प्रताप यादव ने बताया कि डकैती नहीं हुई है। मामला चोरी का होने के कारण चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
गांव गलरई में एक ही रात दो घरों में हुई डकैती की घटना से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। पीड़ित परिवार के लोग घटना को याद कर कांप उठते हैं, लेकिन इसका असर पुलिस पर पड़ता नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों की मानें तो पुलिस रात में गश्त नहीं करती है। उधर रात 12 से सुबह तीन बजे तक गश्त करने का पुलिस दावा करती है। ऐसे में पुलिस की गश्त सवालों के घेरे में आ गई और स्मार्ट पुलिसिंग की पोल खुल रही है।