थाना क्षेत्र के गांव बरखेरवा निवासी सुशीला हत्याकांड का पुलिस ने दूसरे दिन खुलासा कर दिया है, जिसमें तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है। जबकि चौथा अभियुक्त अभी फरार चल रहा है। पकड़े गए हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आला कत्ल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
एसओ शिवानंद पटेल ने बताया कि सुशीला नि:संतान थी, उसके पति छेदीलाल की करीब नौ साल पहले एक मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। सुशीला के नाम चार एकड़ जमीन थी, जिस पर उसके भतीजों की नजर गड़ी थी। सुशीला को इसका आभास पहले ही हो चुका था, जिससे वह गांव में ही अपने बहनोई जगदीश अवस्थी के यहां रहती थी। हालांकि दिन में वह अपने घर आती थीं। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि चाची सुशीला अपने भाइयों को जमीन देना चाहती थीं, जिससे वह रंजिश मानने लगे थे।
इसी के चलते आरोपियों ने सुशीला को रास्ते से हटाने का प्लान बना डाला। रविवार को मौका ताड़ते हुए आरोपियों ने सुशीला को उसके घर के बाहर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। मृतका के भाई मनोज वाजपेयी की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के देवर सरस्वती और उनके पुत्र विधिनेश, महेंद्र और नरेंद्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का जाल बिछाया और घटना के दूसरे दिन ही सफलता मिल गई। पुलिस ने सोमवार की सुबह हत्यारोपी महेंद्र, नरेंद्र और विधिनेश को थाना क्षेत्र के नकहा पिपरी गांव से गिरफ्तार कर लिया। जबकि चौथा आरोपी सरस्वती अभी गिरफ्त से बाहर है।