आढ़तियों में गुस्सा, वारदात को लेकर बैठकों का दौर जारी
मंडी सचिव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
फल और सब्जी मंडी आढ़तियों में उपद्रवियों का खौफ, दो दिन से हो रहा बवाल
सुबह नहीं होने दी सब्जी की नीलामी, आढ़त भी बंद कराईं
शुक्रवार सुबह उपद्रवियों ने मंडी गेट में ताला डालकर पहले आढ़तियों को रोका, फिर सड़क के दोनों ओर नियम विरुद्ध ढंग से लगी दुकानों को हटा लेने का एलान कर दिया। बवाल की आशंका से आढ़तियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी और नित्य होने वाली सब्जी की नीलामी भी नहीं हो सकी। शाम करीब पांच बजे मंडी में सन्नाटा होने पर उपद्रवियों की भीड़ पहुंच गई और आढ़तों पर तोड़फोड़ कर दी। दुकानों के बांस के बने टट्टर तोड़ डाले, कुर्सियां, तख्तों की भी तोड़फोड़ और सब्जी व सारा सामान बिखेर दिया। उधर सूचना पर मय फोर्स तहसीलदार पहुंचे। बाद में मंडी सचिव सुलेमान की ओर से तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं आढ़तियों ने भी 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ की तहरीर दी है। आढ़तियों की बैठक में सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल और पूर्व विधायक विनय तिवारी पहुंचे और आंदोलन की चेतावनी दी।
मालूम हो कि स्थानीय मंडी समिति में 56 सब्जी आढ़ती हैं, जिनमें से 32 को दुकानें आवंटित हैं, लेकिन वह अस्थाई रूप से मंडी परिसर में सड़क के दोनों ओर और नीलामी चबूतरा पर अतिक्रमण कर दुकानें लगाते हैं, जबकि 20 से अधिक आढ़ती और सब्जी विक्रेता मंडी कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से नीलामी कराते हैं। इसका कई बार कुछ आढ़तियों ने विरोध किया और मंडी समिति सचिव ने नोटिसेें भी जारी की, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरुवार को सुबह मंडी समिति गेट में कुछ उपद्रवियों ने ताला डालकर एलान किया कि अवैध रूप से मंडी नहीं लगने दी जाएगी। इस बार बवाल होने लगा, लेकिन मीडिया के पहुंचने से पहले ताला खोल दिया गया और आढ़तियों ने दुकानें खोल दी थीं। इधर शुक्रवार को फिर उपद्रवियों ने सुबह ही न सिर्फ ताला डालकर आढ़तियों को रोकने की कोशिश की, बल्कि एलान कर दिया कि अवैध दुकानें हटा लें। इस पर कुछ आढ़तियों ने दुकानें हटाने का निर्णय ले लिया तो ताला खोल दिया गया। लोगों ने दुकानें भी हटानी शुरू कर दीं, लेकिन अधिकांश ने आढ़तें नहीं खोलीं, जिससे नित्य होने वाली नीलामी नहीं हो सकी। दिन भर आढ़तियों में भय का माहौल रहा। उधर शाम करीब पांच बजे मंडी में सन्नाटा होने पर उपद्रवियों की भीड़ पहुंच गई और आढ़तों पर तोड़फोड़ कर दी। दुकानों के बांस के बने टट्टर तोड़ डाले, कुर्सियां, तख्तों की भी तोड़फोड़ और सब्जी व सारा सामान बिखरा दिया। आढ़तियों की मानें तो सब्जियां भी लूट ले गए। किसी तरह आढ़तियों को इसकी जानकारी हुई तो कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। करीब एक घंटे बाद मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक उपद्रवी भाग चुके थे।
एसडीएम ने मंगवाया आढ़तियों का रिकार्ड, तहसीलदार ने शुरू की जांच
कई दिनों से छुट्टी पर चल रहे एसडीएम योगानंद पांडे ने शुक्रवार को अचानक आढ़तियों की जांच के निर्देश दे दिए। एसडीएम के निर्देश पर प्रभार देख रहे तहसीलदार आशुतोष गुप्ता सुबह ही फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आढ़तें हटा रहे कुछ आढ़तियों से भी अवैध दुकानें हटा लेने को कहा और मौके पर मंडी सचिव को बुलाकर आढ़तियों को संपूर्ण रिकार्ड दोपहर तक देने को कहा। हालांकि तहसीलदार ने मीडिया को सिर्फ इतना बताया कि एसडीएम के निर्देश पर वह मंडी आए हैं। यहां आढ़तियों की शिकायतें मिलने के कारण उन्हें जांच दी गई है, इसलिए उन्होंने सचिव से आढ़तियों का रिकार्ड तलब किया है।
आढ़ती परिवार सदमे में, कहा-मुझे परेशान किया जा रहा
आढ़ती मोहम्मद इशहाक के बेटे से 28 जून को अलीगंज रोड पर सत्तापक्ष के एक नेता के बेटे से मारपीट हो गई थी। बकौल मोहम्मद इशहाक उनका बेटा उसी दिन से लापता है। उनकी बात नहीं हो पा रही है। बेटे की तलाश में यूपी 100 पुलिस आई थी। इतना ही कहकर वह भावुक हो जाते हैं। बोले, बेटे ने गलती की है। वह माफी मांग रहे हैं। बेटा आ जाए तो उसे पुलिस को भी सौंपने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें और उनके साथी आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। वह यह भी कहते हैं कि वह मामला निपटाना चाहते हैं, इसलिए किसी का नाम नहीं लेना चाहते पर पूरे मामले में एक नेता ने परेशान कर रखा है। उनकी पत्नी और दूसरा बेटा भी सदमे में हैं और वह मामले में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
उपद्रवी कर रहे हमले, अधिकारी-पुलिस सब अंजान
आढ़तियों की दुकानें दो दिन से उपद्रवी बंद करा रहे हैं, लेकिन मामले में अधिकारी और पुलिस सब अंजान बने हैं। मामले में प्रभारी एसडीएम/तहसीलदार आशुतोष गुप्ता कहते हैं, किसी से भी दुकान हटाने को नहीं कहा गया है। अभी जांच की जा रही है। मंडी में उपद्रवियों के हमले की कोई जानकारी नहीं है। वहीं सीओ अभिषेक प्रताप कहते हैं अवैध रूप से आढ़तें संचालन का कोई मामला है। तोड़फोड़ अथवा बवाल की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं कोतवाल दीपक शुक्ला का कहना है कि मंडी में तोड़फोड़ की जानकारी मीडिया से मिली है, लेकिन अभी तक कोई तहरीर नहीं है। मामले की जांच की जाएगी।
नेता के बेटे की पिटाई के दूसरे दिन से आफत में आढ़ती
मालूम हो कि 28 जून को सत्तापक्ष के नेता के बेटे से आढ़ती के बेटे का विवाद हुआ था। उसके अगले दिन यानी 29 जून की सुबह से ही मंडी में उपद्रवियों ने बवाल शुरू कर दिया। शुक्रवार को तो आढ़तों पर न सिर्फ जमकर तांडव हुआ बल्कि आढ़तियों को सामान और सब्जी तक लूट ली गई। इस सबके बावजूद आढ़ती इस कदर भयभीत हैं कि वह न तो अपनी दुकानें खोल पा रहे हैं और न ही कुछ भी बोल पा रहे हैं। अभी तक किसी भी आढ़ती ने मामले की शिकायत तक प्रशासन अथवा थाने में दर्ज नहीं कराई हे।
न पालिका चुनाव लड़ने वालों का पता, न विपक्ष सामने आया
पालिका चुनाव में मजबूत वोट बैंक माने जाने वाले आढ़तियों के पक्ष में समाजसेवा का दंभ भरने वाला कोई नेता खुलकर सामने नहीं आया। हालांकि कुछ नेता आढ़ती से न सिर्फ मिलने गए, बल्कि मीडिया को भी सूचना देते रहे। यहां तक निवर्तमान विधायक विनय तिवारी को भी सेलफोन नहीं लगा। शाम तक उनकी ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।