बंदाली जुनूनी था। वह अक्सर ऐसी हरकतें करने लगता था कि पड़ोसी तक परेशान हो जाते थे, लेकिन वह खून कर सकता है, यह बात किसी ने सोची भी न होगी।
गांव कुरमिनपुरवा के मजरा परसिया में शुक्रवार को सुबह खेतों में जब बंदाली और उसकी पत्नी सुदामा का शव मिला तो गांव के लोग अवाक रह गए। पिता रामखिलावन फूटफूटकर रोते हुए कहने लगे कि पिछले तीन चार सालों से वह परेशान था। उसकी हरकतों से वह मानसिक रूप से बीमार लगा तो लखीमपुर के डॉ दुआ के यहां इलाज शुरू कराया। वह कभी ठीक तो कभी बीमार लगने लगता था। पता नहीं ऐसी कौन सी बात हो गई जो यह दिन देखना पड़ा। बंदाली और उसकी पत्नी की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा है वहीं बंदाली के बच्चे भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। बंदाली के तीनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बंदाली छह भाई हैं सभी अलग-अलग रहते हैं। बंदाली के पास चार या पांच बीघे जमीन थी बंदाली परिवार के भरण पोषण के लिए मजदूरी पर अधिक निर्भर था लेकिन इसके बावजूद उसके परिवार में पूरी तरह से खुशहाली थी। परिवार में कभी विवाद नहीं होता था। अपने खेतों पर अक्सर दोनों पति पत्नी काम करने जाते थे। सुबह जब बंदाली की मौत की खबर मिली तो पूरे गांव के लोग स्तब्ध थे। बंदाली के परिवार में सबसे बड़ी पुत्री है जिसकी उम्र लगभग 12 वर्ष है इसके अलावा दो पुत्र जिनकी उम्र लगभग 9 वर्ष तथा 8 वर्ष है। पति-पत्नी दोनों की मौत के साथ ही परिवार के सामने भी बड़ा संकट खड़ा गया है बंदाली के परिवार में अब कमाई करने वाला कोई नहीं बचा है। बंदाली के बच्चे अनाथ हो गए हैं।
एक दिन पहले दवा लेकर लौटते बस से कूद गया था बंदाली
सीओ मनोज यादव ने बताया कि बंदाली का इलाज लखीमपुर में डॉ. दिनेश दुआ के यहां चल रहा था। गुरुवार को बंदाली लखीमपुर से दवा लेकर लौट रहा था तो अचानक चलती बस से कूद गया था। उस समय उसकी पत्नी साथ थी।