ओवरब्रिज से उतरते समय हुआ हादसा
ट्रक के सामने खड़े हो गए सिख दंपति
भाग रहे ट्रक चालक को पकड़ा
ओवरब्रिज से नीचे उतरते समय मोहल्ला राजगढ़ निवासी बलराम सिंह के इकलौते 13 वर्षीय पुत्र दीपक सिंह की सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। घरवाले उसे लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार होने की फिराक में था, इसी बीच एक सिख दंपति ने ट्रक के आगे खड़े होकर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
हादसा रविवार की सुबह करीब सात बजे हुआ। सदर कोतवाली के मोहल्ला राजगढ़ निवासी मजदूर बलराम सिंह का पुत्र दीपक सिंह कक्षा नौ का छात्र था। वह सुबह साइकिल से दूध लेने संकटा देवी गया था। वापस आते समय पुल से नीचे उतरते समय एलआरपी चौराहा की ओर से आ रहे ट्रक के चालक ने रेलिंग से सटाकर ट्रक निकालने का प्रयास किया। इसी बीच ट्रक की टक्कर लगने से दीपक सड़क पर गिर गया। वह कुछ दूर तक ट्रक के साथ घिसटता हुआ चला गया। हादसे के बाद चालक ने ट्रक समेत भागने का प्रयास किया। इसी बीच वहां से गुजर रहा एक सिख दंपति ट्रक के सामने खड़ा हो गया और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर संकटादेवी चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक सीतापुर के गांव लक्ष्मीनगर निवासी इशित्याक को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर पहुंचे परिवार वाले घायल दीपक को जिला अस्पताल लाए, जहां से डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय उसकी हरगांव (सीतापुर) के निकट मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
13 साल में ही बुझ गया घर का दीपक
शादी के 16 साल के बाद जन्मा था इकलौता लाल
अपने मां-बाप की आंख का तारा था दीपक
लखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला राजगढ़ निवासी बलराम सिंह का पुत्र सिर्फ नाम का ही दीपक नहीं, बल्कि घर का इकलौता चिराग था। शादी के 16 साल बाद घर में किलकारी गूंजी थी, जिससे दीपक पूरे परिवार की आंखों का तारा था, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि 13 साल में ही घर के आंगन का यह दीपक बुझ जाएगा। हादसे के बाद जिसने भी यह घटना सुनीं, वही सिसक पड़ा। परिवार सहित दंपति का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले वाले भी छात्र की मौत से काफी आहत हैं। मां-बाप के करुण क्रंदन और दुखों के टूटे पहाड़ से मोहल्ले वाले भी रो पड़े।
यह दिल को दहला देने वाली मार्मिक घटना ओवरब्रिज पुल पर हुई। मोहल्ला राजगढ़ निवासी बलराम सिंह ने बताया कि औलाद न होने पर उन्होंने मां सकंटा देवी समेत कई स्थानों पर मनौतियां मानीं थीं। 16 साल बाद उनकी मुराद पूरी हुई तो दीपक ने जन्म लिया। दीपक के बाद कोई औलाद नहीं पैदा हुई। दीपक ही अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। इस वजह से वह अपने मां-बाप की आंखों का तारा बना था। बलराम सिंह बताते हैं कि वह शहर की एक टी कंपनी में दिन भर काम करते हैं। रात में शादी विवाह की पार्टियों में आइसक्रीम के टॉल पर रहकर मजदूरी कर लेते हैं। जिससे वह परिवार का भरण पोषण और दीपक की पढ़ाई का भी खर्च उठाते थे। वह बताते हैं कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। दीपक जब बीमार होता तो वह मजदूरी के पैसे उसके इलाज पर खर्च कर देते थे। इस वजह से कभी-कभी दो-दो दिन तक घर में चूल्हा नहीं जलता था।
पुत्र की मौत से दंपति बदहवास
मोहल्ला राजगढ़ निवासी बलराम सिंह काफी मिलनसार और स्वभाव का धनी है। मोहल्ले के सभी लोग बलराम सिंह और उसकी पत्नी की तारीफ करते हैं। कभी किसी से उनका कोई विवाद नहीं हुआ। पुत्र के वियोग से दंपति बदहवास हालत में हैं। उसकी मां वीनू सिंह के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रही है। वह सिर्फ एक ही बात कह रही है कि अब उसकी बुढ़ापे की लाठी कौन बनेगा। अब वह अपने लाल के बिना कैसे घर में रहेगी। परिवार का करुण क्रंदन देख मोहल्ले के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।
संकेतक न लगे होने से बना है खतरा
ओवरब्रिज के एक तरफ रेलवे स्टेशन, दूसरी तरफ मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी, राजगढ़ और वाईडी कॉलेज हैं। जहां से निकलकर आने वाले लोगों के लिए तेज वाहन हर समय खतरा बने रहते हैं। इसके लिए कई बार लोगों ने गति सीमा कम करने वाली पट्टिकाएं और संकेतक लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। रविवार को बच्चे की मौत की भी वजह ओवरब्रिज के सिरे पर अचानक मोड़ मानी जा रही है।