स्टेट वेयर हाउस में गीला गेहूं दिए जाने पर हंगामा हुआ। आवश्यक वस्तु निगम कर्मियों का आरोप है कि स्टेट वेयर हाउस में गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए बाल्टियों से पानी डाल दिया जाता है। ताकि उसका वजन बढ़ जाए और फिर इधर बचा हुआ माल स्टेटवेयर हाउस कर्मी घालमेल कर सकें।
बुधवार को आवश्यक वस्तु निगम कोटेदारों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न का उठान स्टेट वेयर हाउस के गोदाम से कर रहा था। आरोप है कि इस दौरान तमाम बोरियां भीगी हुई निकलीं और कई में फफूंदी लगी हुई थी। इसको लेकर स्टेट वेयर हाउस अधिकारी और कर्मियों में नोकझोंक होने लगी। आवश्यक वस्तु निगम कर्मियों का कहना था कि जानबूझ कर गेहूं की बोरियों को उठान के दो तीन दिन पहले ही बाल्टियों से पानी डालकर भिगा दिया गया। उनका तर्क था कि इससे वजन बढ़ जाता है और फिर ज्यादा होकर बचने वाले खाद्यान्न का घालमेल स्टेट वेयर हाउस कर्मी कर लेते हैं। कर्मियों का यह भी कहना था कि यह पिछले माह भी हुआ था लेकिन शिकायत कर भविष्य में ऐसा न करने को कहा गया फिर भी वही किया गया। उनके मुताबिक इस भीगे गेहूं की बोरियों में फफूंदी लग जाती है और गेहूं काला पड़ जाता है। इससे आवश्यक वस्तु निगम को घाटा होता है और कोटेदार गेहूं लेने में आनाकानी करते हैं और फिर उनसे बेवजह झगड़ा भी होता है। उठान के दौरान भारतीय खाद्य निगम का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं था। कर्मियों का यह भी आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों और कर्मियों के यहां न होने से भी स्टेट वेयर हाउस की मनमानी सहनी पड़ती है। आवश्यक वस्तु निगम के प्रभारी ने इसकी शिकायत आरएम स्टेट वेयर और भारतीय खाद्य निगम से भी कर फिलहाल उठान को रुकवा दिया है।
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मजदूर भी बोले भिगाई गईं हैं बोरियां
यहां मौजूद मजदूरों ने कहा कि ऊपर से पानी भीतर जाने का सवाल ही नहीं है जाता भी होगा तो एक दो बोरी ही भीगना चाहिए। उनके मुताबिक बोरियां भिगोई गईं हैं।
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ऊपर से पानी आता है और बाल्टियों से दवा का छिड़काव होता है, जिससे बोरियां भीगी लगती हैं, लेकिन अंदर गेहूं गीला नहीं होता है। हमें बोरी भिगाने से कोई फायदा नहीं पहुंचेगा ।
-नफीस अहमद, मैनेजर-स्टेट वेयर हाउस।