लखनऊ में उपचार के दौरान हुई मौत, रिपोर्ट दर्ज
आठ अप्रैल को खाना ठीक न मिलने पर था मारापीटा
पांच दिन पहले कलियुगी बेटे की पिटाई से घायल हुए कस्बा निवासी 52 वर्षीय प्रीतम सिंह की बुधवार की रात लखनऊ के एक अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस ने आरोपी पुत्र की तलाश शुरू कर दी है।
तिकुनियां रेलवे स्टेशन के सामने कस्बा निवासी पुष्कर का कृषि फार्म है। इसी फार्म पर प्रीतम सिंह अपनी पत्नी व दो पुत्रों सोनू सिंह और साहब सिंह के साथ रहकर खेती की देखभाल और मजदूरी करता है। पुत्र सोनू सिंह ने बताया कि आठ अप्रैल 17 की शाम करीब नौ बजे उसका छोटा भाई साहब सिंह नशे में धुत होकर घर आया और खाना मांगा। मां ने जब उसे खाना परोस कर दिया तो वह खाना ठीक न होने का आरोप लगाते हुए भड़क उठा। मां समेत परिवार के सभी लोगों को गालियां देने लगा। पिता प्रीतम सिंह ने जब इसका विरोध किया तो साहब सिंह ने पिता को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और मौके से भाग निकला। पिटाई से बेहोश होकर पिता जमीन पर गिर गए। उसने घटना की सूचना यूपी 100 को दी। सूचना पर यूपी 100 के साथ कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल पिता को बेहोशी की हालत में एंबुलेंस 108 से सीएचसी निघासन भिजवाया। जहां पर डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लखीमपुर रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर लखीमपुर के भी डॉक्टर ने पिता को लखनऊ रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि पिता का लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार की रात करीब 12 बजे पिता ने दम तोड़ दिया। सुबह घर पर शव पहुंचा तो परिवार में चीख पुकार मच गई। इंस्पेक्टर जयकरन सिंह ने बताया कि मृतक के बड़े पुत्र सोनू सिंह की तहरीर पर आरोपी साहब सिंह के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।