जिले से दूसरे जनपदों के लिए करीब 185 सिपाही रिलीव किए जाने हैैं, जिसमें से करीब 104 सिपाही दूसरे जिलों के लिए रिलीव कर दिए गए हैं। इससे विभाग में सिपाहियों की कमी हो गई है। शहर की प्रमुख चौैकियां सिपाही न होने से वीरान सी हो गई हैं। तो थानों में भी किल्लत हो गई है। इसके पीछे कारण यह है कि दूसरे जिलों से आने वाले सिपाही संबंधित जिलों से अभी रिलीव नहीं किए गए हैं।
जिले में करीब एक हजार सिपाही कार्र्यरत हैं जबकि करीब 1200 पद स्वीकृत हैं। सीमावर्ती जनपदों में हुए तबादलों के क्रम में अब तक कई थानों और चौकियों में तैनात करीब 104 सिपाहियों को दूसरे जिलों के लिए रिलीव कर दिया गया है, जिसमें महिला सिपाही भी शामिल हैं। अभी भी करीब 80 और सिपाहियों को रिलीव किया जाना है, लेकिन दूसरे जनपदों से आने वाले सिपाहियों की आमद न होने से इन्हेें रिलीव करने पर अघोषित तौर पर रोक लगा दी गई है।
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ से करीब 30 सिपाही खीरी को मिलने हैं, लेकिन वहां से रिलीव नहीं किए गए हैं। जबकि उन्नाव से सिपाहियों को 22 अप्रैल के बाद रिलीव किए जाने की सूचना है। इसी तरह अन्य जनपदों से भी अपरिहार्र्य कारणों के चलते सिपाहियों की आमद नहीं हो पा रही है। नतीजतन शहर की चौकियाें समेत कई थानों में सिपाहियों की किल्लत हो गई है। इससे रात की गश्त प्रभावित हुई है।
दो सिपाहियों से चल रहीं चौकियां
सिपाहियों के रिलीव होने का सबसे ज्यादा असर शहर की चौकियाें पर पड़ा है। मिश्राना पुलिस चौकी पर दो सिपाही रह गए हैं, जबकि 16 पद स्वीकृत हैं। जेल गेट चौकी में दो सिपाही रह गए हैं, जबकि एक सिपाही का तबादला जीआरपी में हो गया है। इसी तरह संकटा देवी पुलिस चौकी, एलआरपी और राजापुर चौकी में सिपाहियों का टोटा हो गया हैै।
दर्जनों सिपाही छुट्टी पर
इस वर्ष जिले में तैनात दर्जनोें सिपाही विवाह बंधन में बंध रहे हैं, जो 30 से 45 दिनों की छुट्टी पर चले गए हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक करीब 50 सिपाही (महिला भी शामिल) लंबे अवकाश पर गए हैं।
रिलीव सिपाहियों के सापेक्ष अभी तक करीब 20 सिपाहियों ने आमद कराई हैै, जिससे दिक्कत हुई है। फिलहाल जिन एसपी अरविंद सेन ने बताया कि थानों में ज्यादा सिपाही हैं, उनको चौैकियोें पर पोस्ट किया जाएगा। कानून-व्यवस्था को किसी तरह से प्रभावित नहीं होने देंगे।