तीन विद्यालयों में छात्रवृत्ति के सात लाख रुपये गबन के मामले में शुक्रवार को डीआईओएस ने दो विद्यालयों के प्रबंधकों पर केस दर्ज करा दिया।
एक विद्यालय के प्रबंधक के विरुद्ध दोकटी थाने में पहले ही केस दर्ज है। डीआईओएस ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मामले में लिप्त शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई और क्षेत्रीय सचिव से विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की है।
शिक्षा क्षेत्र बैरिया के रघुनाथपुर स्थित अंबिका सिंह उत्तर माध्यमिक विद्यालय और रामरती सिंह बालिका इंटर कालेज में छात्रवृत्ति गबन करने के मामले में 2013 और 2014 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने डीएम को जांच का निर्देश दिया था। तत्कालीन डीएम ने जिला बीएसए से जांच कराई थी।
जांच के बाद कार्रवाई नहीं होने पर फिर हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई। तब कोर्ट ने दोषी पर कार्रवाई का निर्देश दिया। शुक्रवार को डीएम मुरली मनोहर लाल ने कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में डीआईओएस को दोषी प्रबंधकों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
डीआईओएस शिवचंद राम ने इन विद्यालयों के प्रबंधक के विरुद्ध शुक्रवार को दोकटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच में इन विद्यालयों के अंदर बिना मान्यता के कई अन्य विद्यालय चलाने का आरोप है। बिना जांच किए छात्रवृत्ति जारी करने के दोषी पाए जाने वाले वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। इससे पहले 13 मार्च को एबीएसए जयकुमार यादव की तहरीर पर छात्रवृत्ति गबन के मामले में रामजीत सिंह जूनियर हाईस्कूल करनछपरा के प्रबंधक के विरुद्ध दोकटी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।