बेटी को मार डालने का आरोप लगा हे थे मां-बाप, कोतवाल को इंतजार है तहरीर मिलने का
शहर से सटे सलेमपुर कोन स्थित महिला अल्पावास गृह में नौ मार्च की रात किशोरी के फांसी पर लटक जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने महज इत्तेफाकिया दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया है। चूंकि मामला गरीब की बेटी से जुड़ा है, इसलिए इस मामले में किसी भी जनप्रतिनिधि ने भी संजीदगी नहीं दिखाई है। उधर शहर कोतवाल गुलाब शंकर पांडे का इस बाबत कहना है कि वह तो तहरीर मिलने का इंतजार कर रहे हैं, फिलहाल इत्तेफाकिया दर्ज कर लिया है। हालांकि किशोरी के मां-बाप घटना वाले दिन से चीख-चीखकर बेटी को मार डालने का आरोप लगा रहे हैं।
मालूम हो कि सलेमपुर कोन स्थित महिला अल्पावास गृह में निरुद्घ थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव की किशोरी ने बुधवार की रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। किशोरी प्रेमी के साथ पकड़ी जाने के बाद 17 फरवरी से अल्पावास में निरुद्ध थी, जबकि युवक तबसे जेल में है। लड़की के फांसी पर लटकने की खबर पर आए मां-बाप समेत परिवारीजनों ने अल्पावास गृह के स्टाफ और पुलिस पर कई आरोप लगाते हुए चीख चीखकर बेटी को मार डालने की बात कही थी। उस समय कोतवाली पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन इस ओर शायद किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि कोतवाली में अभी तक महज इत्तेफाकिया घटना दर्ज है।
उधर किशोरी के परिवारवाले अब भी बेटी की मौत के पीछे कोई बड़ी वजह मानकर कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं। उधर पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि महिला अल्पावास में किशोरी के फांसी लगाने का मामला गंभीर है, लेकिन पुलिस को अभी महिला अल्पावास प्रशासन की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। फिलहाल ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस को खुद ही जिम्मेदारी उठाते हुए किशोरी के आत्महत्या के कारणों को पता लगाना चाहिए था, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इससे साफ जाहिर होता है कि महिला अल्पावास में हुई इस गंभीर घटना को लेकर पुलिस तनिक भी फिक्रमंद नहीं है। हालांकि अल्पावास गृह की संचालिका राधा गुप्ता का कहना है कि उन्होंने घटना की सूचना उसी दिन पुलिस को लिखित तौर पर दे दी थी।
डीएम के आदेश बाद भी मजिस्ट्रेटी जांच जहां की तहां
शुक्रवार को डीएम किंजल सिंह ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए अतिरिक्त उप जिला मजिस्ट्रेट पीके सिंह को नामित किया गया था। दूसरे दिन शाम को जब मजिस्ट्रेट पीके सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जांच के क्रम में जल्द ही नोटिस जारी कर घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जाएंगे। इस तरह मजिस्ट्रेटी जांच शनिवार को भी जहां की तहां रही।