निघासन थाना क्षेत्र के लुधौरी गांव के नजदीक गोविंदपुर फार्म में शुक्रवार को मार गए 25 हजार के इनामी बदमाश सचिन गुप्ता उर्फ डालू से पुलिस की मुठभेड़ पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सवाल उठने लगे हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक डालू के पैरों में लगी एक गोली 12 बोर की है। इसके कई छर्रे भी पैरों में लगे हैं। डॉक्टरों की मानें तो 12 बोर की गोली लगने से हड्डी नहीं टूटती है लेकिन पोस्टमार्टम में पैर की हड्डियां टूटी पाई गई हैं।
एसपी अरविंद सेन भी मानते हैं कि डालू के पैरों में लगी एक गोली 12 बोर की है, जिसके असलाह पुलिस के पास नहीं होते हैं। हालांकि एसपी यह भी कहते हैं कि बदमाशों की घेराबंदी के दौरान पुलिस और ग्रामीण दोनों फायरिंग कर रहे थे। ऐसे में यह बताना मुश्किल है कि डालू किसकी गोली लगने से मरा। लेकिन इस पर भी सवाल है, क्योंकि कोई ग्रामीण इतने नजदीक से गोली तभी मार सकता है, जब वह डालू का परिचित या शरणदाता रहा हो। गौरतलब है कि डालू को लगी दो गोलियां आठ से 10 इंच की दूरी से मारी गई हैं।
पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के एक डॉक्टर ने कहा कि गोली लगने के बाद बदमाश काफी देर तक मौके पर ही पड़ा रहा था। यही वजह है कि उसके शरीर से काफी खून निकल गया और उसकी मौत हो गई। इस बीच डालू के कब्जे से बरामद मोबाइल कॉल डिटेल की शुरुआती छानबीन से पता चला है कि उसके मददगारों में दो बड़े नेता भी शामिल हैं। कुछ महीनों में सीमावर्ती इलाके के एक बडेे़ नेता के मोबाइल पर उसकी कई बार बातचीत हुई पाई गई है। दूसरे नेता, जिसकी कॉल डिटेल डालू के मोबाइल से मिली है, उसके तार सीधे लखनऊ से जुड़े हुए हैं।
डालू के मोबाइल से खुले कई राज
लखीमपुर खीरी। मारे गए सचिन गुप्ता उर्फ डालू के मददगारों की लिस्ट काफी लंबी है। उसके मददगारों में दो बड़े राजनीतिक दलों के दो बड़े नेता, व्यापारी और कुछ पत्रकार भी शामिल हैं। डालू के कब्जे से बरामद मोबाइल की शुरुआती छानबीन में कई राज उजागर हुए हैं। अब पुलिस इन नंबरों की सीडीआर निकाल कर उनकी जांच की तैयारी कर रही है। एसपी अरविंद सेन ने इसकी पुष्टि की है।
डालू के पास से बरामद मोबाइल की छानबीन के दौरान मालूम हुआ कि कुछ महीनों से सीमावर्ती इलाके के एक बड़े नेता के मोबाइल नंबर से कई बार बात हुई है। पुलिस ने संबंधित सफेदपोश का मोबाइल नंबर ट्रेस किया है। वहीं लखीमपुर शहर के तीन दर्जन से अधिक व्यापारी भी डालू के संपर्क में थे और धमकी मिलने पर उस तक लाखों की नगदी पहुंचाते थे। एक अधिकारी का कहना है कि शहर के व्यापारियों की मुखबिरी भी व्यापारी ही करते थे।
दूसरी ओर डालू के मोबाइल से कई मददगारों का पता तो चल गया है लेकिन इन नामों का खुलासा होने की उम्मीद कम है। कारण, इनमें कई असरदार लोग शामिल हैं।
साथियों संग नेपाल भाग गया बग्गा
लखीमपुर खीरी। पुलिस की घेराबंदी से फरार हुआ बग्गा सिंह अपने दोनों साथियों संग नेपाल के जिला कैलाली पहुंच गया है। उसकी तलाश में गन्ने के खेतों की खाक छान रही पुलिस ने बग्गा की लोकेशन ट्रेस की है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि नेपाल में उसके साथ तीन और बदमाश हैं। बग्गा सिंह नेपाल के कैलाली जिले में कहां छिपा है, इसकी जानकारी भी पुलिस को मिल गई है।
अब बग्गा की दहशत में जी रहे लोग
निघासन। बग्गा के फरार होने से क्षेत्र में नए सिरे से दहशत का माहौल बन गया है। जिस घर में बग्गा और उनके साथियों ने शरण ली थी वहां पर पुलिस के दो सिपाही लगा दिए हैं। करीब दो साल पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार बग्गा और उसके साथी डालू ने तराई इलाके में अपना ठिकाना बना लिया था। गोविंदपुर फार्म निवासी बलविंदर कौर ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब छह बजे चार बदमाश मुंह बांधकर आए और पति कुलदीप सिंह, ससुर गोपाल सिंह, देवर संतोष सिंह और उसकी पत्नी लखविंदर कौर को तमंचे के बल पर कब्जे में रखा। उसके बाद वे शराब पीते रहे। खाना भी जबरन बनवाया।
भागते समय बग्गा ने बाइक छीनने की थी कोशिश
निघासन। गोविंदपुर फार्म निवासी रमनदीप ने बताया कि शुक्रवार को एक व्यक्ति भाग रहा था। उसको दो लोग दौड़ा रहे थे। यह देखकर उसने अपनी बाइक रोक ली और मामला समझने का प्रयास करने लगा। इसी बीच भाग रहे व्यक्ति ने उसकी बाइक पर बैठते हुए आगे बढ़ने को कहा। बाइक न चलाने पर वह गन्ने के खेत में घुस गया। बाद में उसके पीछे दौड़ रहे दो लोगों ने उस व्यक्ति का नाम बग्गा बताया।
आधा दर्जन लोगों से पूछताछ
निघासन। डालू की मौत के बाद पुलिस ने गोविंदपुर फार्म निवासी कुलदीप सिंह, संतोष सिंह समेत आधा दर्जन लोगों को शनिवार को भी नहीं छोड़ा। एसओ निघासन का कहना है कि पूछताछ हो रही है। उधर, गोविंदपुर फार्म निवासी बलविंदर कौर की माने तो पुलिस ने एक बदमाश को उनके घर से भागते समय ही पकड़ लिया था। उसके तीन अन्य साथी गन्ने में छिप गए थे। उसके बाद पुलिस ने डालू को गोली मारी।
पैतृक गांव गौरा में हुई डालू की अंत्येष्टि
महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। शनिवार को डालू की अंत्येष्टि थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में उसके पैतृक गांव गौरा में की गई। शाम सुबह करीब दस बजे गांव किनारे उसका अंतिम संस्कार पिता पवन गुप्ता, चाचा संजय, हरीश और मिंटू समेत पांच लोगों ने मिलकर किया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार को डालू का शव गांव लाया गया था। शव आने पर वहां भीड़ जुटने लगी। हालांकि पुलिस ने उसके अंतिम संस्कार में कुछ सगे संबंधियों को ही शामिल हाने की अनुमति दी। जिले की कई थानों के पुलिस और क्यूआरटी टीम के कारण गांव छावनी बना रहा।
उधर, अंतिम संस्कार मे शामिल डालू के परिवारीजनों ने पुलिस पर जबरिया दाह संस्कार कराने का आरोप लगाया। परिवार वालों ने कहा कि डालू अविवाहित था, इसलिए हिंदू रीति रिवाज के कारण शव को दफनाया जाना चाहिए था। परिवारवालों ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री, आईजी समेत आला अधिकारियों से की है।
डालू-बग्गा पर पुलिस पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट
निघासन। एसओ आरके यादव ने बग्गा और डालू समेत चार लोगों के खिलाफ एक राय होकर पुलिस पर जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसओ निघासन, सिंगाही और क्राइम ब्रांच ने भी बग्गा की तलाश में कई स्थानों पर छापा मारा। एसओ ने बताया कि फरार बदमाशों की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही उनको पकड़ा जाएगा।