क्षेत्र के गांव महाराजनगर निवासी 26 वर्षीय रफीक की बुधवार रात धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई ने हत्या की वजह पत्नी को भगाने के मामले में दर्ज मुकदमे में सुलह समझौता न करना बताया है। हत्यारों की दरिंदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन लोगों ने घटना को अंजाम देते समय पास में सो रहे मासूम को उठाकर अलग खड़ा कर दिया था। मासूम के सहमने और चीखने पर भी वह नहीं पसीजे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। भाई की तहरीर पर पुलिस ने तीन भाइयों और उनके पिता को भी हत्या के मामले में नामजद किया है।
थाना क्षेत्र धौरहरा के ग्राम महाराजनगर निवासी शरीफ का 26 वर्षीय पुत्र रफीक बुधवार की रात9.00 बजे अपने छह साल के बेटे के साथ घर में सो रहा था। रफीक की पत्नी गांव की अन्य महिलाओं के साथ गांव के बाहर खेतों में शौच को गई थी। मौका देखकर कुछ लोग रफीक के घर में घुस आए और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद पास में सो रहे उसके मासूम बच्चे को बिस्तर से उठा दिया और धारदार हथियार से गला रेतकर रफीक की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर भागते समय रफीक की दूसरी पत्नी शमसुलनिशां ने उन लोगों को देख लिया। वह भागकर घर पहुंची तो नजारा देखकर सन्न रह गई। बेटा भी चीख-चीखकर रो रहा था। मृतक की पत्नी के शोर मचाने पर पास में ही रह रहे रफीक के भाई रहीस और तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक के भाई रहीस की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीनों भाइयों कलीम, सलीम, हलीम और उनके पिता सिद्दीक के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस को बताया है कि कलीम लगभग तीन माह पूर्व रफीक की पहली पत्नी को भगा ले गया था तबसे वह कलीम के पास ही थी। इस मामले में रफीक ने कोतवाली धौरहरा में मामला दर्ज कराया था। इस दौरान रफीक ने शमसुलनिशां से दूसरी शादी कर ली थी। पत्नी को भगाने के मामले में कलीम और उसके परिवार के लोग रफीक पर सुलह समझौते का दबाव बनाते थे। कई बार समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी भी देते थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल-धौरहरा रंजीत सिंह ने बताया कि रफीक की हत्या के पीछे सुलह समझौता न
करना बताया जा रहा है। फिलहाल चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज
कर ली गई है। टीम गठित कर दबिश दी जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया
जाएगा।
मौके के हालात बयां कर रहे हैवानियत की कहानी
लखीमपुर खीरी। धौरहरा क्षेत्र के ग्राम महाराजनगर में हुई इस घटना से सभी स्तब्ध हैं। ग्रामीणों के अनुसार रफीक की पहली पत्नी को कलीम भगा ले गया था। मां के जाने के बाद छह साल का बेटा इकराम रफीक के पास ही रहता था। पत्नी के भाग जाने के बाद रफीक अपने पुत्र पर अपना प्यार लुटाता था। मां के जाने के बाद इकराम का एकमात्र सहारा उसका पिता रफीक ही था। घटना के समय दूसरी पत्नी शौच को गई थी, सिर्फ इकराम पिता के पास था। हत्यारे रफीक के घर पहुंचे तो पहले उन्होंने उसके पुत्र को चारपाई से उठाया और फिर रफीक के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके हाथ पैर बांधने लगे। इस दौरान जहां रफीक का पुत्र कुछ अनहोनी भांप कर रोने लगा। शायद उसके रोने में कहीं न कहीं रफीक की जान बख्श देने की फरियाद ही थी, लेकिन पत्थर दिल हत्यारों पर मासूम के रोने का कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीणों ने भी मासूम के रोने की आवाज जरूर सुनी लेकिन वे इसे बच्चे की कोई जिद समझ अनसुना कर गए। डरा और सहमा इकराम रोता रहा, उधर हत्यारों ने रफीक को मौत के घाट उतार दिया। जब मोहल्ले के लोगों को इस बात की जानकारी हुई तो वे स्तब्ध थे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।