बांकेगंज-गोला रेलवे स्टेशनों के बीच मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक्टर-ट्राली का हुक टूटने से ट्रॉली का पिछला हिस्सा रूहेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि ट्रैक्टर दूर निकल चुका था। ट्रेन की चपेट में आकर ट्रॉली 50 मीटर दूर खंती में जा गिरी, जबकि चालक ट्रैक्टर लेकर भाग गया। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और इंजन को हुए नुकसान का जायजा लिया।
सरकारपुर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग संख्या 161 सी पर ट्रॉली से टक्कर के बाद हुई तेज आवाज से ट्रेन में बैठे यात्रियों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ड्राइवर के ट्रेन रोकते ही बोगियों में बैठे यात्री बोगियों से उतरकर इंजन की तरफ भागे, जहां ट्रेन ड्राइवर अपने सहायक चालक के साथ इंजन, रेल ट्रैक को हुए नुकसान को बारीकी से देख रहा था। निरीक्षण में इंजन में कोई क्षति न मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। कुछ देर बाद ड्राइवर ट्रेन को लेकर गोला रवाना हो गया। इस दौरान वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों रामकुमार, सुशील, प्यारे, रामलाल, गोकरन आदि के मुताबिक दोपहर 11.30 बजे के लगभग गोला की ओर से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव से होकर निकली। डगरा के पास पहुंचते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को बांकेगंज की ओर से आती ट्रेन दिखाई दी, बावजूद उसके निकलने का इंतजार न करके ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान ट्रॉली का पिछला हिस्सा ट्रेन की चपेट मे आ गया और हुक टूटने से वह 50 मीटर दूर खंती में जा गिरी।
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बड़ा हादसा टला
ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार दोपहर ट्रैक्टर चालक की लापरवाही के चलते एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बच गई। ग्रामीणों के मुताबिक अवैध खनन को जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चालक और चार मजदूर बैठे थे। गनीमत रही कि पांचों ट्रैक्टर पर बैठे हुए थे। अगर ट्रैक्टर ट्रेन की चपेट में आता तो कई लोगों की जान सकती थी।