- हाथापाई से बीडीओ ने किया इनकार, दो घंटे तक रही अफरातफरी
- बिना कार्य योजना और एस्टीमेट के कार्य कराने का आरोप
क्षेत्र पंचायत की बैठक में बीडीसी सदस्यों ने निर्माण कार्यों में घपलेबाजी का आरोपी लगाते हुए न सिर्फ जमकर हंगामा किया, बल्कि बीडीओ से हाथापाई भी कर दी। इसके बाद नाराज बीडीसी सदस्य सदन का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए और जमकर नारेबाजी की। बीडीओ ने पुलिस बुला ली। बाद में पहुंचे विधायक केजी पटेल ने सदस्यों को शांत कराते हुए बैठक संपन्न कराई। इससे करीब दो घंटे तक ब्लाक में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
ब्लाक में गुरुवार को क्षेत्र पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक शुरू होने से पहले ही सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक साल बीत जाने के बाद यह पहली बैठक है, जिसका न कोई एजेंडा निकाला गया और न कोई सूचना दी गई थी। इस बात की चर्चा चल ही रही थी कि बीडीओ जितेंद्र कुमार सिंह कार्य ने कार्य योजना पढ़नी शुरू कर दी। इससे नाराज बीडीसी सदस्यों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि सदस्यों और बीडीओ में हाथापाई होने लगी। किसी तरह से वहां मौजूद ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद गुप्ता, प्रेमपति प्रधान, जिला पंचायत सदस्य माजिद अली, प्रधानपति नूरुल हसन आदि ने एकबारगी तो मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद ही फिर हंगामा और नारेबाजी करते हुए अधिकांश सदस्य सदन के बहार चले गए। सदस्यों ने ब्लाक के मेन गेट पर ताला लगाने का भी प्रयास किया। उसके बाद वह लोग राजकीय कृषि बीज भंडार के सामने धरने पर बैठ गए। बाद में ब्लाक प्रमुख प्रेमपति ने किसी तरह से उनको शांत कराकर बैठक में लेकर आए। विधायक केजी पटेल ने बीडीओ और ब्लाक कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाते हुए क्षेत्र पंचायत से कार्य कराने को कहा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मनीषा गौतम, प्रधान दामोदर प्रसाद वर्मा, इस्लामुद्दीन के अलावा, बीडीसी संघ ब्लाक अध्यक्ष असीमुद्दीन, आसिम, चेतराम, पंकज मौर्या, दिलीप मौर्य, विमल, सौरभ शुक्ला, रफीक, रामनिवास, मालती, जाबिर, शमशेर, राजेंद्र, बलराम, जयप्रकाश, अनिल, जसवंत, गुड्डू कश्यप, ताहिरा, नरेश आदि बीडीसी सदस्य मौजूद रहे।
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यह हैं बीडीसी सदस्यों के आरोप
बीडीसी सदस्यों का आरोप है कि क्षेत्र पंचायत में 44 फीसदी कमीशन लिया जाता है। कमीशन तय न होने के कारण करीब तीन सालों से क्षेत्र पंचायत से कोई कार्य नहीं कराया गया है। करीब छह माह पहले ब्लाक में बिना कार्य योजना बनाए 110 मिट्टी और तालाब खुदाई कराने का कार्य यह कहकर कराया गया था कि यह कार्य क्षेत्र पंचायत से हो रहे हैं। आरोप है कि जब भुगतान कराने की नौबत आई तो पता चला कि कराए गए कार्यों की योजना न बनाए जाने के कारण उनका भुगतान अधर में लटक गया है। तत्कालीन बीडीओ ने ग्राम पंचायत से गलत तरीके से करीब तीन दर्जन से अधिक कार्यों का भुगतान कराया था। शेष कार्यों का भुगतान नहीं हो सका है।
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बाहर खड़े रहे जिला पंचायत सदस्य
बैठक के दौरान बैठने की व्यवस्था न होने के कारण जिला पंचायत सदस्य माजिद अली समेत कई लोग बाहर खडे़ रहे। उपस्थित रजिस्टर पर बहार हस्ताक्षर कराने आए कर्मचारी को जिला पंचायत सदस्य ने डांटकर भगा दिया।
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वर्जन
मैंने दो सप्ताह पहले ज्वाइन किया है। मेरे आने के बाद रमियाबेहड़ का चार्ज होने के कारण पहले वहां उसके बाद यहां बैठक कराई गई। यह सच है कि बिना एस्टीमेट और कार्य योजना के कार्य कराया गया है। यह गलत है। बैठक में हाथापाई नहीं हुई है। तीखी नोकझोंक हुई है।
- जितेंद्र प्रताप सिंह, बीडीओ