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लूट और अगवा करने की कोशिश में तीन को जेल

Mon, 31 Oct 2016 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी /फरधान।
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जेल में भिड़े कैदी - फोटो : Demo Pic
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प्रधान और दो पूर्व प्रधानों को अगवा करने का प्रयास करने का मामला
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भारत सरकार लिखी लग्जरी कार और बाइक से गांवों में सीबीआई के अधिकारी बनकर लूट और दो पूर्व प्रधान और प्रधान को अगवा करने की कोशिश में पकड़े गए तीन आरोपियों का पुलिस ने चालान भेज दिया, जिस पर कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है। पुलिस को इस मामले में शामिल अभी चार लोगों की तलाश है। 
29 अक्तूबर को सीबीआई अफसर बताकर फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के अग्गरखुर्द गांव के पूर्व प्रधान रामजीवन और मायाराम तथा फरधान क्षेत्र के ग्रांव अग्गरबुजुर्ग के मौजूदा ग्राम प्रधान दिनेश गिरी को अगवा करने की कोशिश की गई थी। अपहरण के दौरान बदमाशों ने दो पूर्व प्रधानों मायाराम और बदलूराम के घरों में लूटपाट भी की थी। बदमाश चौथे पूर्व प्रधान बदलूराम के घर पहुंचे तो ग्रामीणों ने घेर लिया था, जिससे युवती समेत तीन बदमाश पकड़े गए, जबकि बाइक सवार चार बदमाश भाग निकले थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने दोनों पूर्व प्रधान और प्रधान से एक ही बात कही थी कि वे सीबीआई से हैं। तुम लोगों ने बड़े घोटाले किए हैं। सभी से 50-50 हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम दीपक रस्तोगी निवासी पूर्वी दीक्षितान थाना गोला, हरीश कुमार निवासी गांव खरगापुर थाना हैदराबाद और युवती ने अपना नाम निशाद नियामत उर्फ पिंकी निवासी मिल रोड थाना गोला बताया। एसओ फरधान तपेश्वर सागर ने बताया कि जांच में घटना को अंजाम देने में निशाद नियामत ने मुख्य भूमिका निभाई। वही गिरोह की मास्टर माइंड है। बताया कि मौके से रजनीश मिश्रा निवासी मिल रोड, गोला समेत चार लोग बाइक से भाग निकले। पकड़े गए तीनों आरोपियों को बलवा, लूट, अगवा करने की कोशिश करने और रंगदारी वसूलने सहित संगीन धाराओं में चालान भेजा गया था, जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
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कहानी में हैं कई झोल, पड़ताल हो तो फंसेगी बड़ों की गर्दन
लखीमपुर खीरी। सीबीआई अफसर बताने वाली युवती समेत पकड़े गए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की पुलिसिया कहानी में कई झोल हैं। पुलिस के अनुसार, फर्जी सीबीआई बनकर टीम ने फरधान के अग्गर बुजुर्ग और फूलबेहड़ के गांव कोरारा को निशाना बनाया, लेकिन पुलिस इस सवाल को टाल जाती है कि टीम ने इन्हीं गांवों को निशाना क्यों बनाया? पुलिस को अब तक आरोपियों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। हालांकि पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि युवती पर इससे पहले नौकरी का झांसा देकर रुपये हड़पने के कई आरोप लग चुके हैं, लेकिन कभी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कुछ दिन पहले महिला आयोग की सदस्य बनकर उगाही करने की भी एक शिकायत हुई थी, लेकिन पुलिस कभी कार्रवाई नहीं की। इस बाबत पुलिस के एक अधिकारी का ही कहना है कि दो मामलों में पैसे भी लौटाए गए। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को दूसरे दिन ही चालान तो कर दिया, लेकिन रिमांड पर लेने की अभी कोशिश नहीं की। फिलहाल जिस अंदाज में घटना को अंजाम देने की कोशिश हुई, उससे यह लगता है कि आरोपी बेखौफ थे। कुल मिलाकर पड़ताल हो तो कई बड़ों की गर्दन फंस सकती है। हालांकि एसओ फरधान तपेश्वर सागर का कहना है कि अभी वह जांच कर रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सोने की थी तलाश!
ग्रामीणों की माने तो युवती समेत सभी आरोपी सोना तलाश रहे थे। उन्हें किसी बदलू के घर में सोना होने की बात पता चली थी। यही वजह रही कि सबसे पहले अग्गरखुर्द के पूर्व प्रधान मायाराम के घर को निशाना बनाया, क्योंकि उनके पिता का नाम बदलू है। बदमाशों ने मायाराम और कोरारा निवासी पूर्व प्रधान बदलूराम के यहां लूटपाट की। इतना ही नहीं दोनों जगह एक-एक स्थान को खोदकर भी देखा था। इस बाबत जब एसओ फरधान से जानकारी की गई तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया, लेकिन यह बताया कि घटना का सूत्रधार एक अन्य व्यक्ति है, जिसका भी पता लगा रहे हैं। 
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जेल जाते युवती फफक पड़ी
पुलिस गिरफ्त में युवती के चेहरे पर कोई अफसोस न था। रविवार की सुबह भी उसने दिनचर्या निपटाने के बाद हंस-हंसकर चाय पी। पुलिस स्टाफ से उसने अपनी एमपीएड (मास्टर ऑफ फिजिकल एजूकेशन) की पढ़ाई से लेकर अपने सपनों की भी चर्चा की, जिसमें अपनी फीस जमा करने की जरूरत और बहुत धनवान बनने की ललक जाहिर की। फिलहाल जब दोपहर उसे कोर्ट में पेश कराने के लिए ले जाया जाने लगा तो वह फफक कर रो पड़ी। उसने दोबारा गलती न करने की बात कहते हुए एक बार सुधरने के लिए छोड़ने की भी पुलिस से मिन्नत की।
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