लखनऊ पब्लिक स्कूल के छात्र 17 वर्षीय प्रांजल सचान अपहरणकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना में शामिल चार अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभियुक्त अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने फरधान में नहर सेे प्रांजल की स्कूटी भी बरामद कर ली है। इसके साथ ही फिरौती के तौर पर अपहृत के पिता मुन्ना सचान से वसूले गए ढाई लाख में से 28,220 नकद, सोने का सिक्का और एक हार भी बरामद किया है।
मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी मुन्ना सचान का पुत्र प्रांजल सचान अपनी स्कूटी से 14 अगस्त 2015 को सुबह सात बजे लखनऊ पब्लिक स्कूल जा रहा था। रास्ते में बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। एसपी अरविंद सेन के निर्देश पर कोतवाल रंजीत सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की संयुक्त टीमें खुलासे को लगाई गई थीं। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते अपहृताओं ने पांचवें दिन मंगलवार को प्रांजल को मुक्त कर दिया था, जिसके बाद वह सकुशल घर पहुंचा था। अपहृताओं ने अलग-अलग लोकेशन से फोन कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस लाइंस में खुलासा करते हुए एसपी अरविंद सेन ने बताया कि घटना में छह अभियुक्त शामिल थे, जिनमें से चार अभियुक्तों फरधान थाना क्षेत्र के गांव कैैमासुर निवासी विपिन वर्मा, अमनया गांव निवासी विकास वर्मा, मन्योरा गांव निवासी नैमिष वर्मा और सदर कोतवाली के कमलापुर निवासी पुलकित अवस्थी उर्फ तन्नू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से चार तमंचे, कारतूस, फिरौती में वसूल की गई धनराशि में से 28220 रुपये, जेवरात, स्कूटी और घटना में प्रयोग की गई दो बाइक बरामद की गई हैं। एसपी ने बताया कि इस घटना का सूत्रधार नैमिष वर्मा है, जो पूर्व में पीड़ित परिवार से परिचित था। एसपी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बरामदगी करने में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पहले डॉक्टर के पुत्र के अपहरण की थी योजना
इस अपहरणकांड में शामिल पुलकित अवस्थी ने बताया हैै कि पहले एक प्रमुख डॉक्टर के पुत्र को अगवा करने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ दिक्कतों के चलते यह प्लान कामयाब नहीं हो सका। फिर नैमिष ने आवास कॉलोनी निवासी मुन्ना सचान के बारे में जानकारी दी और फिर सभी अभियुक्तों ने इस अपहरणकांड को अंजाम दे डाला।
पहले दिन रखा गन्ने के खेत में
अभियुक्तों के मुताबिक 14 अगस्त को प्रांजल का अपहरण करने के बाद उसे मन्योरा के पास गन्ने के खेत में रखा गया। रात दो बजे प्रांजल को खेत से हटाकर मोहल्ला रामनगर स्थित एक मकान में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उसे एक कमरे में चार दिनों तक कैद रखा गया।
25 से ढाई लाख पर हुआ तोड़
अपहरण के बाद बदमाशों ने अलग-अलग स्थानों से मुन्ना सचान को फोन कर 25 लाख की फिरौती मांगी थी। इतनी बड़ी रकम सुनकर मुन्ना सचान ने असमर्थता जताते हुए गलत नंबर डॉयल करने की बात कही थी। बकौल मुन्ना सचान कि दिन के अलावा रात में भी अपहरणकर्ता फोन कर फिरौती की मांग करते थे और धमकाते थे। इसके बाद अपहरणकर्ता ढाई लाख रुपये फिरौती पर राजी हुए। तय हुआ कि गोला में रेलवे स्टेशन के पास फिरौती की रकम दी जाएगी, जिसमें 1.40 लाख नकद, सोने का सिक्का और एक हार दिया गया था।