कस्बा निवासी एक युवक ने बैंक कर्मियों की लापरवाही से उसके खाते से 20 हजार रुपये धोखाधड़ी से निकालने की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है।
इलाहाबाद बैंक के रीजनल और महाप्रबंधक को भेजे शिकायती पत्र में ममरी निवासी बलराम पुत्र पुत्तूलाल ने कहा है कि उसने 14 जुलाई को 45 हजार रुपये बैंक में संचालित अपने बचत खाता में जमा किए थे। दो अगस्त को उसने दो हजार रुपये गोला की स्टेट बैंक के एटीएम से निकाले। तब उसे पता चला कि बीती 16 जुलाई को उसके बचत खाते से कोई व्यक्ति 20 हजार रुपये निकाल ले गया है। इसके बारे में जब बैंक के पीओ से जानकारी की तो उन्होंने कर्मियों की भूल स्वीकारते हुए बताया कि बलराम नाम का एक व्यक्ति पुरानी पासबुक लेकर 20 हजार रुपये निकालने आया था। भीड़ अधिक होने से उसका बिड्राल धोखे से पास हो गया था। धोखाधड़ी का शक जाहिर होते ही वह पेमेंट लिए बगैर ही अपनी फर्जी पासबुक बैंक में छोड़कर भाग गया। बीस हजार रुपये उनके पास अभी तक सुरक्षित हैं। बलराम का आरोप है कि अब पीओ मोहित कुमार उससे बैक डेट में बिड्राल भरकर देने को कह रहे हैं।
बैंक प्रबंधक मृत्युंजय सिंह का कहना है कि पीओ मोहित कुमार से यह भूल उनकी गैर मौजूदगी में हुई है जिसे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही फर्जी पासबुक के आधार पर धोखाधड़ी करने वाले का पता लगाया जा रहा है। पता चलते ही उसके खिलाफ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी और बैंक में रखे बीस हजार रुपये पुन: बलराम के खाते में जमा कराए जाएंगे।