ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच करने गई कमेटी को अभिलेख दिखाने में आनाकानी करना ग्राम विकास अधिकारी कमाल अहमद को महंगा पड़ गया। अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि जांच का जिम्मा निघासन के वीडीओ को सौंपा गया है।
डीडीओ के मुताबिक फूलबेहड़ ब्लाक की ग्राम पंचायत ओदरहना में कराए गए विकास कार्य की जांच के लिए डीसी मनरेगा, आरईएस के अधिशासी अभियंता की एक कमेटी बनाई थी। कमेटी को गांव में ग्राम निधि की धनराशि 2.18 लाख रुपये में आठ सोलर लाइट लगवाने, ह्यूम पाइप लगवाने की जांच करनी थी। हालांकि सभी चीजें लगी हुई थी, लेकिन अधिकारियों के निर्देश के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी ने उन्हें अभिलेख नहीं दिखाए। डीडीओ ने बताया कि निलंबन की अवधि तक कमाल अहमद को निघासन से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही बीडीओ निघासन को एक महीने के अंदर जांच पूरी कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।