एसपी अखिलेश चौरसिया ने सोमवार की रात सदर और गोला कोतवाल समेत चार प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन भेज दिया। हालांकि समाचार भेजे जाने तक इनके स्थान पर नए प्रभारियों की तैनाती अभी नहीं हुई है। डीजीपी के आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके और दोबारा किसी थाने पर प्रभारी के रूप में इंस्पेक्टर या एसआई को प्रभारी नहीं बनाया जा सकता है।
बता दें कि इस आशय की खबर अमर उजाला ने एक फरवरी 2016 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसमें डीएम ने भी बगैर अप्रूवल और ओवरएज वाले बनाए जा रहे प्रभारियों पर विरोध जताया था। इस पर संज्ञान लेते हुए एसपी अखिलेश चौरसिया ने सोमवार की रात कार्रवाई की है। पीआरओ सेल के मुताबिक सदर कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव, गोला कोतवाल नेमचंद्र गंगवार, संपूर्णानगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलवीर सिंह और फूलबेहड़ थाना प्रभारी देव सिंह यादव को लाइन भेज दिया गया है। बताते चलें कि गोला कोतवाल नेमचंद्र गंगवार और संपूर्णानगर के कार्यवाहक थाना प्रभारी बलवीर सिंह की आयु 58 वर्ष पूरी हो चुकी है। वहीं शहर कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव की इस पद पर दोबारा तैनाती हुई थी।
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और आठवें दिन हट गए बलवीर
हाल में ही स्थानांतरित होकर आए इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को एसपी अखिलेश चौरसिया ने 26 जनवरी को संपूर्णानगर थाने के प्रभारी के पद पर तैनात किया था, लेकिन ओवरएज के चलते उन्हें भी थाने के चार्ज की कुुुर्सी छोड़नी पड़ी।